नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है। 24 से 27 सितंबर के बीच हुई लगातार बारिश के कारण देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शुरुआती अपडेट में 24 लोगों की मौत और 14 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
गंडकी प्रदेश में सबसे ज्यादा असर
गंडकी प्रदेश के बागलुंग, म्याग्दी, मनांग और पर्वत समेत कई जिले बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक लगातार बारिश के कारण कई जगह सड़कें बंद हो गईं, बिजली और मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हुए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। गंडकी प्रदेश में 14 मौतों की शुरुआती रिपोर्ट सामने आई थी, जबकि सैकड़ों घर प्रभावित हुए। कालीगंडकी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई बस्तियों और सड़क संपर्क पर असर पड़ा है। पर्वत जिले के फर्से इलाके में नदी की तेज धार ने बड़ी संख्या में घरों को बहा दिया। प्रशासन के मुताबिक लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।
भूस्खलन में घर दबे, परिवारों पर टूटा कहर
बागलुंग जिले के निसीखोला इलाके में भूस्खलन की चपेट में एक घर आ गया। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हुई। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे राहत और बचाव अभियान भी मुश्किल हो गया। मनांग में भी कई घर, पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ इलाकों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क बंद होने के कारण प्रशासन को नुकसान का पूरा आकलन करने में परेशानी हो रही है।
हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन
मनांग जिले में खराब मौसम के बीच हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप के पास हिमस्खलन की घटना भी सामने आई। दो लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई पर्वतारोहियों और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से राहत और बचाव अभियान भी प्रभावित हुआ।
बिजली उत्पादन पर भी बड़ा असर
भूस्खलन से नेपाल के कालीगंडकी कॉरिडोर की 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के टावर क्षतिग्रस्त हुए हैं। नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार इसके चलते 12 जलविद्युत परियोजनाओं की करीब 358.2 मेगावाट क्षमता प्रभावित हुई। एहतियातन बंद की गई अन्य परियोजनाओं को मिलाकर ग्रिड पर 790 मेगावाट से ज्यादा क्षमता का असर पड़ा है।
सड़क और पुल संपर्क भी टूटा
भारी बारिश और नदी के तेज बहाव से कई पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कालीगंडकी नदी के उफान से कुछ इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कई प्रमुख राजमार्गों पर भूस्खलन के कारण आवाजाही बाधित हुई। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत, बचाव और सड़क बहाली के काम में जुटी हैं।
नेपाल में अगस्त के अंत में आई भीषण बाढ़ के बाद एक महीने के भीतर दोबारा भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियां नदियों के किनारे और भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही हैं।