अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में UP सरकार ने नई विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है। इसमें 3 सदस्य है। इसकी कमान IG लखनऊ रेंज किरण एस. को सौंपी गई है। पहले SIT की अध्यक्षता IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत कर रहे थे। किरण S. उनकी टीम में थे, मगर टीम के इंचार्ज विश्वास पंत थे।
27 जुलाई को पेश करनी होगी स्टेटस रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई, 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ IPS अधिकारी की अध्यक्षता में नई SIT गठित करने का निर्देश दिया था। ये आदेश चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने कहा था कि 27 जुलाई को राम मंदिर चढ़ावा चोरी की स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस निर्देश के तुरंत बाद UP सरकार ने SIT का गठन कर दिया था।

निगरानी खुद करेगा कोर्ट
अदालत ने माना था कि क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन और चोरी के मामलों की तकनीकी जांच में पुलिस अधिकारियों की भूमिका सीधी और ज्यादा असरदार होती है। इसलिए DIG और SSP को सदस्य बनाकर जांच का दायरा सीधे पुलिस महकमे के अधिकारियों को सौंप दिया गया। पुरानी SIT राज्य सरकार के स्तर पर रिपोर्ट कर रही थी, जबकि नई SIT को सीधे सुप्रीम कोर्ट में समय-समय पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। पूरे मामले की जांच की निगरानी खुद कोर्ट करेगा। इससे पहले CM योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडल के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे थे, जिसमें IG लखनऊ रेंज बतौर सदस्य शामिल थे।
पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देशों के बाद अब SIT का पुनर्गठन कर IG लखनऊ रेंज को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि, अयोध्या के DIG और SSP को इसका सदस्य नियुक्त किया गया है।