भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को बड़ी सौगात, CM विष्णुदेव साय करेंगे ₹500 करोड़ का सीधा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ में बड़ी योजना लॉन्च

भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को बड़ी सौगात, CM विष्णुदेव साय करेंगे ₹500 करोड़ का सीधा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ में भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए ₹500 करोड़ की योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को बड़ी सौगात cm विष्णुदेव साय करेंगे ₹500 करोड़ का सीधा ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के करीब 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के बैंक खातों में लगभग ₹500 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर करेंगे। यह राशि बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जारी की जाएगी। यह कदम ग्रामीण समाज के सबसे कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में राज्य सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है।

इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹10,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। राज्य सरकार ने अपने संकल्प बजट 2026-27 में इस योजना के लिए ₹600 करोड़ का प्रावधान किया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सके।

प्रदेश के करीब 4.95 लाख पात्र परिवारों के लिए कुल ₹495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। यह पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पात्र परिवारों को बिना किसी कटौती के पूरा लाभ मिलेगा।

#कई ग्रामीण वर्गों को मिलेगा योजना का लाभ

यह योजना केवल कृषि मजदूरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य भूमिहीन परिवारों को भी इसमें शामिल किया गया है। इनमें वनोपज संग्राहक, चरवाहे, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी जैसे पारंपरिक सेवा प्रदाता भी शामिल हैं।

इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले पुजारियों और बैगा-गुनिया तथा मांझी समुदाय के परिवारों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है। राज्य की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने वाले 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को विशेष रूप से इस योजना में शामिल किया गया है।

सहायता राशि में हुई बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि में भी वृद्धि की है। पहले जहां परिवारों को ₹7,000 सालाना दिए जाते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹10,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता ग्रामीण परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। योजना के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

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