भोपाल। भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक और कदम मिला है। UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में भारत की पांच नई साइटें जोड़ी गई हैं। इनमें मध्य प्रदेश की चार महत्वपूर्ण धरोहरें शामिल हैं। पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी ‘Sites of Satyagraha’ है। UNESCO के अनुसार अब भारत की टेंटेटिव लिस्ट में कुल 78 साइट दर्ज हैं।
MP की चार धरोहरें टेंटेटिव लिस्ट में शामिल
मध्य प्रदेश से विदिशा की उदयगिरि गुफाएं, धार की बाघ गुफा चित्रकारी, रायसेन का गिन्नौरगढ़ किला और मुरैना की चंबल घाटी के मंदिर समूह को शामिल किया गया है। चंबल घाटी के मंदिर समूह में बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर शामिल हैं। इन चारों प्रस्तावों को UNESCO में 8 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया।
उदयगिरि गुफाओं की खासियत
विदिशा की उदयगिरि गुफाएं प्राचीन शैल-कट वास्तुकला और धार्मिक मूर्तिकला के लिए जानी जाती हैं। यहां हिंदू परंपरा से जुड़ी कई मूर्तियां और मंदिर अवशेष हैं। इनमें भगवान विष्णु के वराह अवतार की विशाल शैल-मूर्ति प्रमुख आकर्षण है। उदयगिरि को गुप्तकाल की धार्मिक और कलात्मक परंपराओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
बाघ गुफाओं की भित्ति चित्रकारी
धार जिले की बाघ गुफाएं विंध्य क्षेत्र में बाघिनी नदी के किनारे स्थित नौ शैल-कट बौद्ध गुफाओं का समूह हैं। UNESCO के अनुसार इन गुफाओं का विकास लगभग चौथी से छठी शताब्दी के बीच हुआ और यहां की भित्ति चित्रकारी इनकी प्रमुख विशेषता है। गुफाओं में मिले अभिलेख भी इनके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
गिन्नौरगढ़ किला और गोंड इतिहास
रायसेन जिले का गिन्नौरगढ़ किला रातापानी क्षेत्र के पहाड़ी और वन क्षेत्र में स्थित है। UNESCO के अनुसार यह मध्य भारत के राज गोंड शासकों की प्रमुख किलेबंद राजधानी रहा है। प्राकृतिक ढलानों, घाटियों और घने वन क्षेत्र से घिरा इसका स्थान इसे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाता है।
चंबल घाटी के मंदिरों का समूह
मुरैना की चंबल घाटी में बटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिरों को एक समूह के रूप में टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया गया है। ये मंदिर क्षेत्र की ऐतिहासिक मंदिर वास्तुकला और शिल्प परंपरा को दर्शाते हैं। UNESCO ने इसे ‘Group of Temples of the Chambal Valley: Bateshwar, Padavali and Kakarmath’ के नाम से दर्ज किया है।
‘Sites of Satyagraha’ में 9 ऐतिहासिक स्थल
पांचवीं एंट्री ‘The Sites of Satyagraha: The Emergence and institutionalization of the non-violent movement’ है। यह भारत और दक्षिण अफ्रीका की संयुक्त ट्रांसनेशनल एंट्री है, जिसमें कुल नौ ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। इनमें दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्जबर्ग स्टेशन और फीनिक्स सेटलमेंट के साथ भारत के सात स्थल शामिल हैं।
भारत में इस समूह में महात्मा गांधी सत्याग्रह स्मारक, साबरमती आश्रम, मणि भवन, हरिजन सेवक संघ, सेवाग्राम आश्रम, आगा खान पैलेस और गांधी स्मृति शामिल हैं। UNESCO के अनुसार यह प्रस्ताव दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह की शुरुआत से लेकर भारत में उसके विकास और संस्थागत रूप लेने की प्रक्रिया को दर्शाता है।
टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना क्या होता है?
UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट संभावित विश्व धरोहर स्थलों की सूची होती है। किसी स्थल को विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा मिलने से पहले उसे संबंधित देश की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल किया जाता है। इसलिए इन पांच नई एंट्री को अभी UNESCO की World Heritage List का अंतिम दर्जा नहीं मिला है। यह आगे नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया की दिशा में एक चरण है।