महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव जिलों में कम बारिश के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और किसानों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों में इस साल सामान्य से करीब 50 प्रतिशत ही बारिश हुई है, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
फडणवीस ने लातूर जिले की निलंगा तहसील के पानी की कमी और फसल नुकसान से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से उनकी समस्याएं सुनीं और इसके बाद धाराशिव जिले के भी कुछ हिस्सों का जायजा लिया।
सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि लातूर और धाराशिव में बारिश की कमी के चलते स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दोनों जिलों में महज करीब 50 प्रतिशत बारिश हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है और सोयाबीन की फसल विशेष रूप से प्रभावित हुई है।
फडणवीस ने कहा कि पानी की कमी का असर केवल फसलों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में लोगों के लिए पेयजल और पशुओं के चारे की समस्या भी सामने आ सकती है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा राहत के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
शनिवार से पहले जारी होगा शासनादेश
फडणवीस ने बताया कि सरकार ने सूखे जैसे हालात से संबंधित रिपोर्ट जुटा ली है और उसके आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शनिवार से पहले इस संबंध में शासनादेश जारी करेगी, जिसके बाद राहत के उपाय शुरू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के आंसू पोंछना सरकार का पहला कर्तव्य है। राज्य सरकार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के नियमों के तहत केंद्र से भी सहायता मांगेगी, लेकिन किसानों को केंद्रीय सहायता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार अपने खजाने से तत्काल राहत देना शुरू करेगी।
रबी की खेती, पानी और चारे के लिए मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों को रबी सीजन की खेती शुरू करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सहायता दी जाएगी। सरकार पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था भी करेगी। इसके अलावा कृषि कर्जमाफी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का आश्वासन दिया गया है।
फडणवीस ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन शुरू करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचनामा कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके बावजूद प्रभावित किसानों को राहत देने में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
छह से सात लाख किसानों को मिलेगी राशि
कर्जमाफी योजना के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ बैंकों ने किसानों के बकाया खातों में अतिरिक्त ब्याज जोड़ दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बैंकों ने गलत तरीके से अतिरिक्त ब्याज जोड़कर बकाया राशि वाले खाते सरकार को भेजे।
फडणवीस के मुताबिक, बैंकों को इस अतिरिक्त ब्याज को हटाने और खातों को दोबारा भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब छह से सात लाख किसानों के खातों में राशि जमा की जाएगी।
किसान को गले लगाकर दिया भरोसा
निलंगा दौरे के दौरान एक किसान मुख्यमंत्री के सामने अपनी परेशानी बताते हुए भावुक हो गया और रोने लगा। किसान ने फसल खराब होने और आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए बताया कि उसे अपने सोने के आभूषण तक गिरवी रखने पड़े हैं।
किसान की स्थिति देखकर फडणवीस ने उसे गले लगाया और सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने उसे भरोसा दिलाया कि सरकार सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।