मुंबई: राज्य में फसलों की खराब स्थिति और बड़े पैमाने पर सूखे जैसे हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि शुक्रवार को सूखा घोषित करने के लिए सरकारी आदेश (GR) जारी किया जाएगा। यह फैसला सूखा संहिता के ‘ट्रिगर वन’ के तहत लिया जाएगा। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि अगर कोई सूखा प्रभावित क्षेत्र इससे छूट जाता है तो उसे ‘ट्रिगर थ्री’ के तहत शामिल किया जाएगा।
फसलों की स्थिति पर समीक्षा
अमरावती एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान फडणवीस ने राज्य में फसलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में सोयाबीन के साथ कपास, उड़द और तुअर की फसलों पर भी संकट है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हर संभव मदद देने का प्रयास कर रही है।
चारा-पानी की कमी पर फोकस
फडणवीस ने कहा कि सूखा घोषित करते समय सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को इसमें शामिल किया जाएगा। सूखे की स्थिति में किसानों को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। खास तौर पर चारे और पानी की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद
सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाएगी कि अनाज की कमी न हो। फडणवीस ने कहा कि किसानों को सीधे प्रति हेक्टेयर सहायता देने की तैयारी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
रबी की बुवाई में मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पानी उपलब्ध है, वहां रबी सीजन की बुवाई हो सके, इसके लिए भी सरकार मदद करने का प्रयास करेगी।
रोजगार बढ़ाने पर जोर
फडणवीस ने कहा कि संकट की स्थिति में रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार अधिक से अधिक काम शुरू करने का प्रयास करेगी। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहेगा।