लखनऊ के अलीगंज में जिस 4 मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी, उस पर बुलडोजर चला। सुबह 7:30 बजे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के 45 अफसर और कर्मचारी 3 बुलडोजर और 1 हाइड्रोलिक मशीन लेकर मौके पर पहुंचे। आसपास की सड़कों को बंद किया गया। 100 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए। इसके बाद बिल्डिंग को गिराना शुरू किया। पूरी इमारत को जमींदोज करने में शाम तक का वक्त लगेगा।
नोटिस के आधार पर कार्रवाई
बुलडोजर एक्शन के बीच ही बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला के वकील राजेंद्र शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा- LDA ने 25 जुलाई तक का वक्त दिया था। फिर उसी दिन कार्रवाई करने कैसे पहुंच गए। ध्वस्तीकरण का कोई अलग आदेश उन्हें नहीं मिला। सिर्फ नोटिस के आधार पर कार्रवाई हो रही है। कार्रवाई को अदालत में चुनौती देंगे।

क्या है मामला?
दरअसल, 22 जून को इस इमारत में भीषण आग लग गई थी। सेकंड फ्लोर में एनिमेशन कोचिंग में 15 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 5 लोगों ने किसी तरह पाइप और तारों के सहारे नीचे उतरकर जान बचाई थी। आग लगने के दौरान 1 युवक सेकंड फ्लोर से कूद गया था, उसका पैर पैरालाइज हो गया था। हादसे के बाद LDA ने जांच की तो बिल्डिंग अवैध थी। रिहायशी बिल्डिंग को कमर्शियल में बदल दिया गया था। इसके बाद LDA ने मालिक को अवैध निर्माण का नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा। 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करते हुए 15 दिन के अंदर खुद इमारत गिराने के आदेश दिए थे। डेडलाइन शुक्रवार को खत्म हो गई, जिसके बाद LDA ने खुद बुलडोजर चलाकर कार्रवाई शुरू की।