केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश की शिक्षा व्यवस्था को फिर से संवारने की दिशा में बड़ा कदम है। राहुल गांधी ने देशभर के छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि अभी 2 मांगें बाकी हैं। राहुल ने PM नरेंद्र मोदी को छात्रों से माफी मांगने और आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
व्यवस्था में सुधार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राहुल ने वीडियो जारी कर इसे देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला लेकिन बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों ने अपने अधिकारों, लोकतंत्र, संविधान और भविष्य की रक्षा के लिए जिस तरह संघर्ष किया, वह बेहद सराहनीय है। राहुल गांधी ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि पूरे भारत को उन पर गर्व है।
2 प्रमुख मांगें
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की 2 प्रमुख मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने मांग की, कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए कथित बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही PM नरेंद्र मोदी छात्रों और भारत के भविष्य का सम्मान करते हुए उनसे माफी मांगें। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों पर हमला किया, उनके खिलाफ बल प्रयोग किया और कार्रवाई की, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। राहुल के मुताबिक, 20 जुलाई को चलो संसद मार्च के दौरान कार्रवाई की योजना बनाने और उसे लागू करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
अधिकारों और सम्मान के लिए बड़ा कदम
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की यह जीत समाज के दूसरे वर्गों के लिए भी संदेश है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, गरीबों और उन सभी लोगों से संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की जो खुद को केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित मानते हैं। उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा, डरो मत- अपने अधिकारों और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से खड़ा होना ही सबसे बड़ा कदम है।