कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दें। ऐसा नहीं होने पर पार्टी ने देशभर में आंदोलन करने और इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
SIR में 13 करोड़ नाम हटाने का दावा
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए देश में 13 करोड़ से ज्यादा वोटर के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है। दीपके ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है, लेकिन मौजूदा चुनाव प्रक्रिया में यह तय किया जा रहा है कि कौन वोट करेगा और कौन नहीं। दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें देश का सबसे बड़ा गद्दार तक बताया। ये आरोप CJP फाउंडर की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
ममता-स्टालिन-केजरीवाल की सीटों का जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों का भी जिक्र किया। उन्होंने BJP के 400 पार के नारे और 240 सीटों पर रुकने का हवाला देते हुए कहा कि इसके बाद क्षेत्रीय नेताओं की राजनीतिक स्थिति में बदलाव देखने को मिला। उन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे, NCP, तमिलनाडु के एमके स्टालिन, केरल के पिनराई विजयन, दिल्ली के अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी का नाम लिया। दीपके ने दावा किया कि ममता बनर्जी की सीट से करीब 50 हजार, एमके स्टालिन की सीट से करीब एक लाख और अरविंद केजरीवाल की सीट से करीब 40 हजार वोट डिलीट किए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
चुनाव आयोग में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट
यह विवाद इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद और चर्चा में आया। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 28 अक्टूबर 2025 से 14 अगस्त 2026 के बीच आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं। आपत्तियों में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने, वोटर डेटाबेस तक पहुंच और नए मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए।
EC ने कहा- प्रक्रिया का हिस्सा हैं लिखित आपत्तियां
चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों पर कहा कि लिखित नोट, टिप्पणियां, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच की व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, इनका उद्देश्य पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करना है। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर आयोग ने कहा कि यह काम इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEO) जैसे वैधानिक अधिकारी कानून के तहत करते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि ECINet जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सुरक्षा प्रोटोकॉल और ऑडिट कंट्रोल के तहत काम करते हैं। SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी इस विवाद के बीच CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त से 48 घंटे में इस्तीफा देने की मांग की है। पार्टी ने मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन की चेतावनी दी है।