भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल से अभिनेत्री और पूर्व TMC सांसद रुक्मिणी मल्लिक यानी कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है। वहीं उत्तराखंड से दिनेश आर्य को टिकट दिया गया है। दोनों नामों को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंजूरी दी है।
16 अक्टूबर को 12 राज्यसभा सीटों पर चुनाव
राज्यसभा की कुल 12 सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10 सीटें, उत्तराखंड की एक सीट और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने के कारण चुनाव हो रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में एक सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी।
TMC छोड़कर BJP में आईं कोयल मल्लिक
कोयल मल्लिक बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। वह अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। उन्होंने 2026 में TMC के जरिए राजनीति में कदम रखा और राज्यसभा सांसद बनीं। इसके बाद जुलाई में उन्होंने TMC और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अब भाजपा ने पश्चिम बंगाल की खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव में उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है।
उत्तराखंड से दिनेश आर्य को टिकट
भाजपा ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट मौजूदा भाजपा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हो रही है। उत्तराखंड में भाजपा के पास विधानसभा में बहुमत होने के कारण पार्टी इस सीट को बरकरार रखने की स्थिति में है।
यूपी की 10 सीटों पर भी अहम मुकाबला
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें वर्तमान में भाजपा की आठ, समाजवादी पार्टी की एक और बहुजन समाज पार्टी की एक सीट शामिल है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को आठ सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि सपा दो सीटें जीत सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर नामांकन और चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
कैसे होता है राज्यसभा का चुनाव
राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। संबंधित राज्यों के विधायक मतदान करके राज्यसभा सदस्यों का चुनाव करते हैं। राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके करीब एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की सीटों के लिए इसी प्रक्रिया के तहत चुनाव होगा।