बगहा में मतदान का बहिष्कार: सिर्फ एक वोट पड़ा, सड़क, बिजली और शिक्षा की कमी पर भड़के ग्रामीण

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बगहा में मतदान का बहिष्कार: सिर्फ एक वोट पड़ा, सड़क, बिजली और शिक्षा की कमी पर भड़के ग्रामीण

बगहा में मतदान का बहिष्कार सिर्फ एक वोट पड़ा सड़क बिजली और शिक्षा की कमी पर भड़के ग्रामीण

Bagaha election boycott: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जहां कई इलाकों में मतदान उत्साह से जारी है, वहीं बगहा के रामनगर विधानसभा क्षेत्र के दोन पंचायत में लोगों ने पूरी तरह से चुनाव का बहिष्कार किया है। इस पंचायत में लगभग 22 गांवों के करीब 15 हजार मतदाता हैं, लेकिन मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

सिर्फ एक वोट पड़ा

दोन पंचायत में मतदाताओं के लिए बूथ संख्या 1 से 19 तक बनाए गए हैं, लेकिन शाम 4 बजे तक सिर्फ एक वोट डाला गया। बूथों पर केवल सुरक्षाकर्मी और मतदानकर्मी मौजूद दिखे। ग्रामीणों ने मतदान केंद्रों से दूरी बना ली है और घरों में रहकर विरोध जताया है। [caption id="attachment_116320" align="alignnone" width="643"]मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा[/caption]

“सड़क नहीं तो वोट नहीं”

ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र में जगह-जगह पोस्टर चिपकाए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा गया है — “सड़क नहीं तो वोट नहीं, बिजली नहीं तो वोट नहीं, शिक्षा नहीं तो वोट नहीं, स्वास्थ्य सुविधा नहीं तो वोट नहीं, नेटवर्क नहीं तो वोट नहीं।” ग्रामीणों का कहना है कि यह उनका शांतिपूर्ण विरोध है। “दोनवासी की यही पुकार, अबकी बार वोट बहिष्कार” जैसे नारों से गांव की गलियां गूंज रही हैं। [caption id="attachment_116321" align="alignnone" width="505"]जगह-जगह पोस्टर चिपकाए जगह-जगह पोस्टर चिपकाए[/caption]

ग्रामीणों ने लौटाई मतदाता पर्चियां

मतदान से पहले संबंधित BLO ने मतदाता पर्चियां ग्रामीणों में बांटी थीं, लेकिन लोगों ने उन्हें लेने से इंकार कर दिया और पर्चियां वापस लौटा दीं। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक इलाके में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं, तब तक वे किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। Read More: बिहार के आखिरी चरण की वोटिंग खत्म, 67.14% वोटिंग, कई जगह झड़पें और विवाद

Bagaha election boycott: 78 साल बाद भी नहीं बदली स्थिति

ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी उनके गांव में सड़क, बिजली, पुल-पुलिया और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। हर चुनाव में नेता आते हैं, वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कभी वापस नहीं लौटते। https://youtube.com/shorts/tqlTZZLxlM0?si=GYcUXsnwStXAf0m-

प्रशासन की अपील बेअसर

Bagaha election boycott: वोट बहिष्कार की खबर मिलते ही रामनगर के BDO, CO और जीविका प्रखंड समन्वयक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को मतदान के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों के रुख में कोई बदलाव नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विकास की रोशनी उनके गांवों तक नहीं पहुंचेगी, तब तक उनका वोट भी “अंधेरे में” रहेगा।

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