राम मंदिर चढ़ावा: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नजरबंद, ट्रस्ट ऑफिस घेरने का किया था ऐलान

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद

राम मंदिर चढ़ावा: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नजरबंद, ट्रस्ट ऑफिस घेरने का किया था ऐलान

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में राजनीतिक उथल-पुथल बढ़ी। कांग्रेस नेता अजय राय को पुलिस ने नजरबंद किया, जबकि उनकी पत्नी ने BJP सरकार पर आरोप लगाया।

राम मंदिर चढ़ावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सांसद नजरबंद ट्रस्ट ऑफिस घेरने का किया था ऐलान

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद |

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को को लेकर सियासत तेज हो गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने देर रात 12 बजे अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस डेलिगेशन चढ़ावा चोरी का विरोध करने पहुंचा था। उन्होंने आज मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था।

अजय राय की पत्नी का आरोप

अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा- मेरे पति की आवाज दबाने के लिए BJP सरकार किसी भी हद तक गिर सकती है। पुलिस जीप में ले जाने के बाद हमारे सहयोगियों को गलत जानकारियां देकर भटकाया जा रहा है। 'चढ़ावा चोरों' के खिलाफ ये लड़ाई जारी रहेगी। अगर मेरे पति को कुछ भी होता है, तो जिम्मेदारी अधर्मी BJP सरकार की होगी।

अयोध्या के जिस होटल में अजय राय रुके हैं, उसके बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सांसद हाउस अरेस्ट

प्रयागराज में कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह को सुबह 10 बजे उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए रवाना होने से पहले ही प्रशासन ने उनके अशोक नगर स्थित घर के बाहर फोर्स तैनात कर दी। सांसद को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। 

ट्रस्ट में मुसलमानों को रखते - ओवैसी

वहीं AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- ट्रस्ट ने गलती की है। ट्रस्ट में मुसलमान को रख देते और फिर उसे गोली मार देते। सारा मामला ही निपट जाता। लेकिन, अब चंपक हो रहा है। मैं क्या ही कह सकता हूं। इधर, यदि इस्तीफा मंजूर न हुआ तो भी चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की मुश्कलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय के साथ अनिल मिश्र और गोपाल राव को भी दोषी मान सकती है। जांच में सामने आया कि इन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से नहीं निभाया। सूत्रों के मुताबिक, SIT की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ FIR होना तय है।  

1600 कैमरों की निगरानी

वहीं राम मंदिर में 17 साल से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव का ट्रांसफर हो गया। उन्हें गोरखपुर भेजा गया। SIT ने उनकी भूमिका को जांच के दायरे में लिया गया है। चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम के CCTV और राम मंदिर के 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उनके पास ही थी। 

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