बुखार आने पर अक्सर लोगों का खाने का मन नहीं करता। कई बार तो पसंदीदा भोजन भी फीका लगने लगता है। अधिकांश लोग इसे सामान्य बात मानकर खाना कम कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे शरीर की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है। दरअसल, बुखार के दौरान शरीर संक्रमण से लड़ने में पूरी ताकत लगा देता है, जिसका असर हमारी भूख पर भी पड़ता है।
बुखार के दौरान भूख कम हो जाती
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब शरीर में वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, तो इम्यून सिस्टम सक्रिय हो जाता है। इस दौरान शरीर में साइटोकाइन्स (Cytokines) नामक रसायन बनते हैं, जो मस्तिष्क के उस हिस्से को प्रभावित करते हैं जो भूख नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य शरीर की ऊर्जा को पाचन में खर्च करने के बजाय संक्रमण से लड़ने में लगाना होता है। यही वजह है कि बुखार के दौरान भूख कम हो जाती है।
भोजन में रुचि भी कम हो जाती है
इसके अलावा संक्रमण का असर स्वाद और सूंघने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। जब खाने का स्वाद महसूस नहीं होता, तो भोजन में रुचि भी कम हो जाती है। वहीं कमजोरी, बदन दर्द, गले में संक्रमण, मतली और थकान जैसी समस्याएं भी खाने की इच्छा को कम कर देती हैं।
हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि बुखार में खाना छोड़ना सही नहीं है। शरीर को संक्रमण से लड़ने और जल्दी रिकवर होने के लिए पर्याप्त पोषण और तरल पदार्थों की जरूरत होती है। इसलिए एक बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए।
समय रहते सही इलाज शुरू करें..
बुखार के दौरान मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, ओट्स, सूप, नारियल पानी, उबली हुई सब्जियां, केला, सेब, पपीता और पर्याप्त पानी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। यदि गले में संक्रमण न हो तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार दही भी लिया जा सकता है।
अगर कई दिनों तक भूख बिल्कुल न लगे, तेज बुखार लगातार बना रहे, बार-बार उल्टी हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है, ताकि समय रहते सही इलाज शुरू किया जा सके।