रानी पद्मावती के जौहर को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस तरह का चित्रण रेप सर्वाइवर्स को गलत संदेश दे सकता है। उनके इस बयान के बाद अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण था।
‘जौहर कायरता नहीं, बहादुरी और भक्ति है’
Bageshwar Baba yesterday termed @ReallySwara as "Chandalan"
— आनंद गुप्ता (@aanandsg) September 6, 2026
Kuch log Bhaiyya ko Saiyyan bana leti hai. ,
😂😂😂😂😂😂😂 pic.twitter.com/OuwSyCas2S
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह इस मुद्दे पर बिना बोले नहीं रह सकते। उन्होंने स्वरा भास्कर का नाम लिए बिना उन्हें ‘तथाकथित महिला’ बताते हुए उनके बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है।” धीरेंद्र शास्त्री ने आगे सवाल किया कि “आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?” उन्होंने कहा कि जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ नहीं सकते। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बातों से किसी को बुरा लगता है तो भी वह अपनी बात सच के तौर पर कहते रहेंगे।
क्या था स्वरा भास्कर का बयान?
यह विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘वुमन, लाइफ, फ्रीडम’ टॉक के दौरान स्वरा भास्कर द्वारा फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र किए जाने के बाद शुरू हुआ। स्वरा ने कहा था कि फिल्म का जौहर सीन रेप सर्वाइवर्स को गलत संदेश दे सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी महिला को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि अगर वह बलात्कार के बाद जीवित बची है तो उसने कोई कायरता दिखाई है। उन्होंने कहा कि क्या हम सर्वाइवर्स से यह कहना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं और अगर वे वास्तव में इज्जतदार और बहादुर होतीं तो खुद को मार लेतीं? स्वरा ने फिल्म के उस दृश्य का भी जिक्र किया, जिसमें गर्भवती महिला जौहर करने जा रही होती है। उन्होंने बताया कि यह दृश्य देखकर उन्हें काफी गुस्सा आया था और उन्होंने थिएटर में ही प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक विचार करने के बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था।
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा ने दी सफाई
मेरा एक वीडियो क्लिप वायरल है- जिसे ग़लत रूप से झूठे ढंग से अनुवादित किया जा रहा है! मैंने कतई नहीं कहा कि रानी पद्मावती या कोई भी सती कायर थी । शर्मनाक है कि @ndtvindia और अन्य मीडिया चैनल और लोग बार बार झूठा इल्ज़ाम लगाकर लोगों को उत्तेजित कर रहे हैं ।
— Swara Bhasker (@ReallySwara) September 1, 2026
गाली देनी है तो दो- पर… pic.twitter.com/TR8sy5gRCr
Aapko angrezi nahi samajh aati toh AI translation ka Sahara lein… this headline is entirely inaccurate … No where have I called Padmaavat or Padmaavati a coward- that’s not my critique at all. https://t.co/v8Xcy3M2dR
— Swara Bhasker (@ReallySwara) September 1, 2026
अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयान का एक हिस्सा वायरल हो रहा है और उन्होंने रानी पद्मावती या महल की अन्य महिलाओं को कायर नहीं कहा था। स्वरा ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल फिल्म में दिखाए गए जौहर के संदेश को लेकर था। उनका कहना था कि यदि कोई रेप सर्वाइवर फिल्म का वह दृश्य देखती है तो उसके मन में यह विचार आ सकता है कि बलात्कार के बाद जीवित बचना ही कायरता है।
‘क्या महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है?’
Chalo! At least Grok gets it! 🤓 pic.twitter.com/mCoYPwI2eW
— Swara Bhasker (@ReallySwara) September 1, 2026
स्वरा भास्कर ने अपने बयान में महिलाओं की जिंदगी और उनके जीने के अधिकार को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश में रेप एक गंभीर समस्या है और ऐसे समय में यह सवाल जरूरी है कि फिल्मों में महिलाओं की पवित्रता को उनकी जिंदगी से ऊपर दिखाया जाना चाहिए या नहीं। उन्होंने निर्भया मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष किया था। उनके मुताबिक किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
पद्मावत में कैसे दिखाया गया है जौहर?
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के क्लाइमैक्स में जौहर का दृश्य दिखाया गया है। फिल्म की कहानी के अनुसार अलाउद्दीन खिलजी की सेना चित्तौड़ के किले में प्रवेश करती है। इसके बाद रानी पद्मावती का किरदार निभाने वाली दीपिका पादुकोण समेत किले की महिलाएं जौहर करती हैं। फिल्म में इस घटना को महिलाओं द्वारा दुश्मन के हाथों पकड़े जाने से बचने के लिए स्वयं को अग्नि के हवाले करने के रूप में दिखाया गया है। इसी दृश्य को लेकर अब एक बार फिर बहस छिड़ गई है। एक तरफ स्वरा भास्कर ने इसके संदेश और महिलाओं के संदर्भ में इसके प्रभाव पर सवाल उठाए हैं, वहीं धीरेंद्र शास्त्री ने जौहर को ऐतिहासिक बहादुरी, भक्ति और समर्पण से जोड़ते हुए स्वरा के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है।
फिलहाल दोनों बयानों के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।