
प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं से बढ़ा महिलाओं का सम्मान
नारी सशक्तिकरण: जयपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन अधिनियम सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को एक नई पहचान और ऊर्जा मिली है। उन्होंने इस सम्मेलन को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की उस मूल शक्ति का उत्सव बताया, जिसने सदियों से समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से बदली सोच
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक महिलाओं की बुनियादी समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितना दिया जाना चाहिए था। लेकिन वर्ष 2014 के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी। उन्होंने उन मुद्दों को उठाया, जो दिखने में छोटे थे, लेकिन महिलाओं के जीवन पर उनका गहरा प्रभाव पड़ता था।
नारी सशक्तिकरण: नारी शक्ति वंदन अधिनियम से राजनीतिक सशक्तिकरण
उन्होंने घर-घर शौचालय निर्माण का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने महिलाओं को न केवल सुविधा दी, बल्कि उन्हें गरिमा और सम्मान भी दिया। पहले महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था, जिससे उन्हें कई तरह की असुविधाओं और असुरक्षाओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस योजना के माध्यम से उनकी इस बड़ी समस्या का समाधान किया गया।
विकसित भारत के लिए नारी शक्ति जरूरी
नारी सशक्तिकरण: इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता था और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बढ़ती थीं। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से महिलाओं को धुएं से राहत मिली और उनका जीवन अधिक सुरक्षित और स्वस्थ हुआ।
भजनलाल शर्मा ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल ने समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। आज बेटियां न केवल शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब देश की बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति में नारी को हमेशा ‘शक्ति’ का स्वरूप माना गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को केवल सम्मान ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम भी उठाए। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को राजनीति में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश की नारी शक्ति मजबूत और आत्मनिर्भर हो। महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए सरकार लगातार ऐसी योजनाएं और नीतियां बना रही है, जो महिलाओं को हर स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर दें।
अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि नारी सम्मान और सशक्तिकरण के इस अभियान को और मजबूत बनाया जाए। समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि एक ऐसा भारत बनाया जा सके, जहां महिलाएं पूरी स्वतंत्रता, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
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