उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक, परीक्षाएं रद्द, CM धामी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
देशभर में पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच अब उत्तराखंड की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटियों में से एक उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (UTU) की 2 सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गए। यहां यूनिवर्सिटी के कॉलेजों से जुड़े प्रोफेसर Whatsapp पर पेपर बांट रहे थे।
वॉट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल पेपर
वाइस चांसलर तृप्ता ठाकुर ने बताया कि 8 जुलाई की परीक्षा के बाद कुछ छात्रों ने प्रश्नपत्र वॉट्सएप और सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत की। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच की। जांच में पता चला कि 24 जून को हुई परीक्षा का पेपर भी आरोपी प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने ही तैयार किया था और वह भी लीक हुआ। इसके बाद दोनों परीक्षाएं रद्द की गईं। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार आरोपी प्रोफेसर ने अपने कॉलेज के 22 छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। फिलहाल जांच में पैसे के लेनदेन का कोई एंगल सामने नहीं आया। जांच में आरोप सही मिलने के बाद यूनिवर्सिटी ने दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी।
हजारों छात्रों को देनी होगी दोबारा परीक्षा
इस फैसले से राज्य के 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। यूनिवर्सिटी की जांच में सामने आया देहरादून स्थित शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र छात्रों के वॉट्सऐप ग्रुप और एक ऑनलाइन पोर्टल पर शेयर किया। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर ने बताया कि यूनिवर्सिटी इस मामले में राय ले रही है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत आरोपी प्रोफेसर को 7 साल के लिए यूनिवर्सिटी की सभी एग्जाम संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब उनके खिलाफ FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
CM धामी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
वहीं CM धामी ने मामले पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को देहरादून पुलिस गिरफ्तार कर सकती है। मामले पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पेपर लीक के मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। UTU ने कार्रवाई करते हुए डॉ. आशीष कुमार गुप्ता को अगले 7 सालों तक यूनिवर्सिटी की किसी भी परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी से प्रतिबंधित कर दिया। वहीं, परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में लापरवाही पर शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी कड़ी चेतावनी दी गई है।