उत्तराखंड में लैंडस्लाइड, बागेश्वर और देहरादून में स्कूल बंद, CM धामी ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश
उत्तराखंड में पिछले 3 दिनों से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। चमोली में सुबह निजमुला मोटर मार्ग पर काली चट्टान से लगातार हो रहे भूस्खलन से आवाजाही खतरे में पड़ गई। सड़क पर पत्थर और मलबा गिरने से कई जगह यातायात बंद रहा और लोगों को जान जोखिम में डालकर पैदल चलना पड़ रहा है।
भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
टिहरी के धनोल्टी इलाके में केम्पटी-नैनबाग (NH-707A) मार्ग मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने यातायात संभाला और NH विभाग के साथ मिलकर मार्ग खोलने का काम शुरू कराया। मौसम विभाग ने अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है। देहरादून और बागेश्वर के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।
12 तक के स्कूलों में छुट्टी
आज इन दोनों जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर पड़ने की आशंका है। वहीं, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया। इधर, देहरादून के कालसी-चकराता मार्ग समेत कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण यातायात प्रभावित है। बागेश्वर और देहरादून में खराब मौसम को देखते हुए 12 तक के स्कूलों में छुट्टी है। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश मसूरी में हुई। वहीं, 10 जिलों की 103 सड़कें बंद हैं।
CM ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश
प्रदेश में भारी वर्षा की स्थिति को देखते हुए CM पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। SDRF, NDRF और सभी जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। CM ने X पर लिखा - सभी प्रदेशवासियों व पर्यटकों से भी अपील है कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
गंगा का जलस्तर बढ़ा
वहीं ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और नदी चेतावनी स्तर के करीब बह रही है। एहतियात के तौर पर घाटों पर SDRF की तैनाती बढ़ाई गई है और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की गई। उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर संवेदनशील स्थानों पर लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है। चमोली और रुद्रप्रयाग में भी बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है। कहीं-कहीं मलबा आने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, हालांकि प्रशासन मार्गों को सुचारु रखने के लिए लगातार काम कर रहा है।