बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद ने जंतर-मंतर पर बच्चों प

जंतर-मंतर विवाद पर बोले रजा मुराद, बच्चों के साथ संवेदनशीलता की अपील

भोपाल से ताल्लुक रखने वाले बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने जंतर-मंतर पर CJP के Gen-Z प्रोटेस्ट के दौरान बच्चों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं, इसलिए उनके साथ कठोरता नहीं बल्कि संवेदनशीलता और संवाद का व्यवहार होना चाहिए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है।

जो हो रहा है, वह बेहद अफसोसनाक है'

वीडियो संदेश में रजा मुराद ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद दुखद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठियां बरसाई गईं और उनके साथ सख्ती की गई। अभिनेता ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बच्चों की आवाज को सुनना जरूरी है। उन्होंने अपील की कि हालात को बल प्रयोग से नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।

'बच्चे परिवार का हिस्सा हैं, उन्हें मनाइए'

रजा मुराद ने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब घर का कोई बच्चा नाराज होता है तो उसे प्यार से समझाया जाता है, न कि दंड दिया जाता है। उन्होंने कहा कि देश भी एक बड़ा परिवार है और आंदोलन कर रहे बच्चे उसी परिवार का हिस्सा हैं। इसलिए उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनकर उनका भरोसा जीतने की जरूरत है।

'जख्मों पर मरहम लगाइए, नमक-मिर्च नहीं'

अपने संदेश में अभिनेता ने कहा कि जिन बच्चों के जज्बात आहत हुए हैं, उन्हें सहानुभूति और संवेदना की जरूरत है। उन्होंने कहा, "जख्मों पर मरहम लगाया जाता है, नमक-मिर्च नहीं।" उनका मानना है कि बच्चों के मन में विश्वास पैदा करना और उनके दर्द को समझना किसी भी समाज की जिम्मेदारी है।

रघुवीर यादव के बाद बढ़ी बहस

रजा मुराद से पहले अभिनेता रघुवीर यादव ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। अब दो वरिष्ठ कलाकारों के बयान सामने आने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर दोनों वीडियो व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं। वहीं, यह मामला बच्चों के अधिकार, लोकतांत्रिक विरोध और संवेदनशील संवाद को लेकर नई बहस का विषय बन गया है।