मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में रामा बाई ने जमीन अ

BSNL टावर से 32 घंटे बाद उतरी रामा बाई, 782 करोड़ के वाटर प्लांट विवाद में पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम श्यार्दे में पिछले दो दिनों से चल रहा हाईवोल्टेज प्रदर्शन आखिरकार खत्म हो गया। 782 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बड़े वाटर प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई के विरोध में BSNL के ऊंचे टावर पर चढ़ी महिला रामा बाई को प्रशासन ने समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतार लिया।

महिला के टावर से नीचे उतरते ही करीब 32 घंटे से मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने फिलहाल जमीन से जुड़ी बेदखली और कब्जा हटाने की कार्रवाई को स्थगित कर दिया है।

करीब दो साल पहले किया गया

दरअसल, श्यार्दे गांव में 377 गांवों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए 782 करोड़ रुपये की लागत से वाटर प्लांट बनाया जाना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है, जिसका शिलान्यास करीब दो साल पहले किया गया था।

इसी परियोजना के लिए चिन्हित और अधिग्रहित जमीन को खाली कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम गांव पहुंची थी। कार्रवाई का विरोध करते हुए रामा बाई BSNL टावर पर चढ़ गई और वहां से अपनी मांगें रखने लगी।

टावर पर चढ़ने का कदम उठाया

रामा बाई का आरोप था कि उसकी पट्टे की जमीन पर गांव के दबंगों ने कब्जा कर रखा है, लेकिन प्रशासन इस कब्जे को हटाने में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। वहीं, दूसरी ओर जिस जमीन पर उसका खुद का कब्जा बताया जा रहा है, वहां से उसे जबरन हटाया जा रहा है। इसी कथित दोहरे रवैये के विरोध में उसने टावर पर चढ़ने का कदम उठाया।

आगे की कार्रवाई की जाएगी

लगातार 32 घंटे तक महिला के टावर पर रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। अधिकारियों ने कई दौर की बातचीत कर उसे नीचे आने के लिए मनाया। आश्वासन मिलने के बाद रामा बाई सुरक्षित नीचे उतर आई।

अब प्रशासन दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विवाद सुलझाने की कोशिश करेगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पहले महिला की पट्टे वाली जमीन से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।