जुलाई का बारिश कोटा पूरा, फिर भी MP के 42 जिले सूखे; अगले 4 दिन भारी बारिश के आसार नहीं
मध्य प्रदेश में जुलाई महीने का बारिश का कोटा पूरा हो गया है, हालांकि जून में कम वर्षा होने का असर अब भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। 55 जिलों में से 42 जिलों में औसत से कम वर्षा रिकॉर्ड हुई है। विभाग का कहना है कि अगस्त में सक्रिय मानसून के चलते बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना है।
चार दिन भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में पिछले दो दिनों से सक्रिय तीन मजबूत मौसम प्रणालियां अब कमजोर पड़ रही हैं। इसके चलते अगले चार दिनों तक कहीं भी भारी या अति भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि यदि कोई नया सिस्टम सक्रिय होता है तो कुछ इलाकों में फिर से तेज बारिश हो सकती है। फिलहाल अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
खरगोन और रतलाम में अच्छी बारिश
खरगोन जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। झिरनिया में सबसे अधिक 3.8 इंच, गोगांवा में 3.5 इंच और कसरावद में 3.1 इंच वर्षा हुई। वहीं रतलाम जिले में अब तक 13 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश के कारण हनुमान ताल भर गया है और जिले में जुलाई का वर्षा कोटा भी पूरा हो गया है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक करीब 9 इंच कम बारिश हुई है।
42 जिलों में अब भी बारिश की कमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 17.6 इंच वर्षा हो जानी चाहिए थी। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, विदिशा, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी समेत 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं इंदौर, खरगोन, बड़वानी, देवास, सीहोर, राजगढ़, शहडोल और 13 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
अगस्त से बढ़ी उम्मीदें
मौसम विभाग का मानना है कि अगस्त प्रदेश के लिए राहत लेकर आ सकता है। मध्य प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37.3 इंच मानी जाती है और अगस्त मानसून का सबसे सक्रिय महीना होता है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में अगस्त के दौरान रिकॉर्ड स्तर की बारिश का इतिहास रहा है। यदि मानसून लगातार सक्रिय रहा तो प्रदेश में बारिश की मौजूदा 13 प्रतिशत कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।