बालाघाट में नाना ने नवजात को गोबर के ढेर में जिंदा दफनाया, अविवाहिता बेटी को जन्मा था बच्चा
MP के बालाघाट में अविवाहित बेटी से जन्मे नवजात शिशु को जिंदा दफना दिया गया। वारासिवनी थाना क्षेत्र के नांदगांव पंचायत से यह घटना सामने आई। राज छिपाने के लिए नाना ने बच्चे को गोबर के ढेर में जिंदा गाड़ दिया। इसके बाद नाना ने खुद भी जहर खा लिया, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बच्चे के रोने की आवाज
पुलिस को घटना की जानकारी 31 जुलाई को मिली। हालांकि, तेज बारिश और अंधेरा होने के कारण नवजात का शव 1 अगस्त को निकाला। पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू कर दी। दरअसल, वारदात से पहले रात में आसपास के लोगों को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी थी। जब पड़ोसियों ने बच्चे के रोने के बारे में परिवार से पूछा, तो वे टालमटोल करने लगे। बच्चे के रोने की आवाज आने और फिर परिजनों के संतोषजनक जवाब न देने पर ग्रामीणों को शक हुआ।
बालक के गले और मुंह में कपड़ा बांधा
सरपंच ने गांव में बैठक बुलाई, जहां आशा कार्यकर्ता ने बताया कि परिवार की बेटी कुछ दिनों से प्रेगनेंट थी। संदेह गहराने पर सरपंच ने वारासिवनी पुलिस को जानकारी दी। नायब तहसीलदार, डॉक्टर और पुलिस की मौजूदगी में मृत नवजात शिशु के शव को गोबर के ढेर से बाहर निकाला गया। नवजात बालक के गले और मुंह में कपड़ा बंधा हुआ था। इससे आशंका जताई जा रही है कि नाना ने गड्ढे में गाड़ने से पहले बच्चे के मुंह और गले में कपड़ा बांधकर उसकी हत्या की होगी।