MP में हर शुक्रवार ‘जन विश्वास अभियान’,CM से लेकर कलेक्टर तक जाएंगे फील्ड में,होगा समाधान
मध्य प्रदेश सरकार अब हर शुक्रवार को ‘जन विश्वास अभियान’ चलाएगी। इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री, विधायक, कलेक्टर और अन्य मैदानी अधिकारी सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे। सरकार का उद्देश्य आम लोगों और युवाओं की समस्याओं को मौके पर सुनकर उनका जल्द समाधान करना है। अभियान के दौरान अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठकों की जगह फील्ड पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में इस अभियान की जानकारी मंत्रियों को दी। उन्होंने कहा कि हर शुक्रवार को मंत्रालय और जिला स्तर पर बड़ी बैठकों से दूरी रखी जाएगी। इसके बजाय मंत्री और अधिकारी गांवों और शहरों के वार्डों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। अभियान के जरिए सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की निगरानी भी की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन से लेकर खाद-बीज तक मुद्दों पर नजर
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि जन विश्वास अभियान में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी व्यवस्था, खाद-बीज वितरण और अन्य जनहित से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान में संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी को प्राथमिकता दी जाएगी।
गांव और वार्ड होंगे अभियान की इकाई
सरकार ने साफ किया है कि अभियान के लिए किसी तरह का अतिरिक्त खर्च नहीं किया जाएगा। बड़े आयोजन या टेंट लगाने की व्यवस्था नहीं होगी। गांवों में पंचायत और शहरों में वार्ड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों को जनता से सीधा संवाद कर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैबिनेट में कई अहम फैसलों को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में जल संसाधन विभाग की योजनाओं को आगे बढ़ाने, मल्हारगढ़ दाबयुक्त सिंचाई परियोजना और रिहंद परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके अलावा आईसर संस्थान में 85.51 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला लिया गया। ड्रोन तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में भी काम किया जाएगा।
युवाओं और निवेश पर सरकार का फोकस
बैठक में पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मामलों के जल्द निराकरण के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रदेश में 7 हजार करोड़ रुपए के नए निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई। सरकार ने आने वाले समय में रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।