IAS-IPS अधिकारियों को बड़ी राहत, सरकारी मामलों का कानूनी खर्च उठाएगी सरकार
मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। अब सेवा अवधि के दौरान सरकारी कार्यों से जुड़े न्यायालयीन मामलों में होने वाले कानूनी खर्च की भरपाई सरकार करेगी। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के निर्देशों के आधार पर इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
सरकारी काम से जुड़े मामलों में मिलेगी सहायता
नए आदेश के अनुसार, यदि कोई IAS या IPS अधिकारी अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन के दौरान किसी न्यायालयीन मामले में शामिल होता है, तो उसका कानूनी खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। यह सुविधा केवल उन मामलों में लागू होगी, जो सीधे तौर पर सरकारी कार्य या विभागीय जिम्मेदारी से जुड़े होंगे।
विभाग देगा खर्च का पूरा विवरण
सरकार की ओर से कोर्ट में जवाब पेश करने, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और अन्य संबंधित कार्यों में हुए खर्च का ब्यौरा संबंधित विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके आधार पर कानूनी खर्च की प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे अधिकारियों को सरकारी जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
निजी मामलों में नहीं मिलेगी सुविधा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता केवल सरकारी और विभागीय मामलों तक सीमित रहेगी। किसी अधिकारी के व्यक्तिगत विवाद, निजी मुकदमे या ऐसे मामले जिनका संबंध सरकारी कार्य से नहीं है, उनमें कानूनी खर्च की भरपाई नहीं की जाएगी।
रिटायर्ड अधिकारियों को नहीं मिलेगा लाभ
आदेश में यह भी साफ किया गया है कि इस सुविधा का लाभ केवल सेवा में कार्यरत अधिकारियों को मिलेगा। सेवानिवृत्त IAS-IPS अधिकारियों और कर्मचारियों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों को मिलेगी काम करने में सुरक्षा
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दायित्व निभाते समय कई बार न्यायालयीन मामलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कानूनी खर्च की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाए जाने से अधिकारियों को अपने काम को लेकर अधिक सुरक्षा और सहयोग मिलेगा।