सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में AC ब्लास्ट के बाद लगी आग, 20 प्रेग्नेंट महिलाएं फंसी
जालंधर से एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है। जहां के अधीन पड़ते सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में आज यानि मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे आग उस समय हड़कंप मच गया। जब अचानक सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में AC की ओवर हीटिंग की वजह से AC ब्लास्ट हो गया। जिससे मरीजों में अफरा-तफरी को माहौल बन गया। इस घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड कर्मीं तुरंत मौके पर पहुंचे,
शीशे तोड़कर कमरे में घुसना
लेकिन धुआं अधिक होने के कारण फायर कर्मियों को शीशे तोड़कर कमरे में घुसना पड़ा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना के वक्त गायनी वार्ड में करीब 20 के करीब प्रेग्नेंट महिलाएं भर्ती थीं। जिनकों फायरकर्मियों ने बड़ी सूझ बुझ के साथ समय रहते वहां से निकला व पूरे वार्ड को खाली करा लिया और सभी मरीजों को दूरे वार्ड में शिफ्ट किया गया।
आग की लपटों ने सामान को लिया चपेट में
सूचना मिलते ही अस्पताल की सीनियर टीम 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थी। वहीं घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गर्मी के कारण एसी के ज्यादा गर्म हो गया और उसमें शॉर्ट सर्किट होने की वजह से अचानक आग लग गई। इस दौरान देखते ही देखते एसी में से धुएं के काले गुबार निकलने लगे और आग की लपटों ने पास रखे अन्य सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया। वार्ड में जहरीला और घना धुआं फैलने से वहां मौजूद अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
फायर ब्रिगेड को सूचित किया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और फायर फाइटर्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया और वार्ड में फैले धुएँ को बाहर निकालने के प्रयास किए।
दमकल अधिकारियों के अनुसार
एक एसी में आग लगने के बाद उसका असर दूसरे एसी और कमरे की वायरिंग पर भी पड़ा, जिससे वहां बिजली की तारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग की भनक लगते ही अस्पताल के सुरक्षा अमले और कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाई। जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती सभी नवजात बच्चों और उनकी माताओं को तुरंत सुरक्षित स्थानों और दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया।
जान-माल का नुकसान नहीं
वहीं दूसरी और अस्पताल के सुरक्षा इंचार्ज ने बातचीत में बताया कि घटना में किसी भी प्रकार का जान-माल का बड़ा नुकसान या जानी नुकसान नहीं हुआ है। सभी मरीज और बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। लेकिन आग की चपेट में आने से कमरे में रखे बेड, गद्दे, बिजली के उपकरण और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गए। आग इतनी भीषण थी कि कमरे की दीवारें भी काली पड़ गईं।
डॉ. प्रिया कौशल ने बताया
वहीं इस घटना संबंधी अधिक जानकारी देते हुए सिविल अस्पताल की सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. प्रिया कौशल ने बताया घटना के वक्त जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर उस समय वार्ड में ही मौजूद थे। AC में ओवरहीटिंग के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे अचानक आग भड़क गई। घटना की जानकारी मिलते ही ऑन-ड्यूटी डीएनबी (DNB) रेजिडेंट डॉक्टर ने तुरंत मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) और गायनी इंचार्ज डॉ. बरिंदर को सूचित किया।
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