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जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस निलंबित; सभी मरीज मेडिकल कॉलेज शिफ्ट

जबलपुर के चर्चित स्मार्ट सिटी अस्पताल पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल संचालक डॉक्टर अमित खरे की हत्या के गंभीर मामले में गिरफ्तारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस एक महीने के लिए निलंबित कर दिया है। प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है।

मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया

लाइसेंस निरस्त होने के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित तरीके से शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार पूरे मामले की निगरानी कर रही है।

8 लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर

गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉक्टर अमित खरे को पुलिस ने 8 लोगों की हत्या के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर का शहर में पैदल जुलूस भी निकाला था। इस कार्रवाई के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे थे।

दूसरे डॉक्टर के नाम पर था अस्पताल का रजिस्ट्रेशन

जांच के दौरान प्रशासन को पता चला कि अस्पताल का संचालन डॉक्टर अमित खरे कर रहे थे, लेकिन अस्पताल का पंजीयन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर था। जानकारी के अनुसार अस्पताल का रजिस्ट्रेशन होम्योपैथी डॉक्टर डॉ. सुभाष के नाम से दर्ज था। स्वास्थ्य विभाग ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए जांच शुरू कर दी है।

पहले भी विवादों में रहा अस्पताल

स्मार्ट सिटी अस्पताल और डॉक्टर अमित खरे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। इससे पहले भी नियमों की अनदेखी और अन्य अनियमितताओं के चलते अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के दस्तावेजों, पंजीयन और अन्य व्यवस्थाओं की गहन जांच में जुटा है।