गोरखपुर में एक सराफा कारोबारी के पोते की हत्या के

36 लाख का कर्ज था इसलिए वैभव का किया अपहरण, गोरखपुर में बच्चे की हत्यारे का कबूलनामा

36 लाख का कर्ज था इसलिए वैभव का किया अपहरण

गोरखपुर में सराफा कारोबारी के 10 साल के पोते वैभव की हत्या करने के बाद आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट ने जूर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसके पिता, भाई, पत्नी समेत 7 लोगों को हिरासत में लिया है। सर्वेश 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में 40 दिन तक प्रयागराज की नैनी जेल में रह चुका है। उसकी 1 साल पहले शादी हुई थी।

36 लाख का कर्ज

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुझ पर 36 लाख रुपए का कर्ज था। किस्त जमा न करने पर पिता अक्सर ताने मारते थे। इससे परेशान होकर वैभव के अपहरण की योजना बनाई। AI की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में जानकारी पता की। गैंग कैसे काम करता है? फिरौती कैसे मांगी जाती है। इंटरनेट से 199 रुपए में कंबोडिया का नंबर खरीदा और उसी पर वॉट्सऐप अकाउंट भी बनाया।

1 करोड़ रुपए की फिरौती 

आरोपी ने आगे कहा सोमवार शाम वैभव को गिफ्ट का लालच देकर अपने साथ लेकर गया। वह चिल्लाने लगा तो मुझे गुस्सा आ गया। उसे जमीन पर गिराकर सीने पर घुटना रखा फिर उसका गला दबा दिया। इसके बाद शव को बोरे में भरकर घर के बेसमेंट में छिपा दिया। वॉट्सऐप कॉल कर वैभव के पिता से 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। किसी को मुझ पर शक न हो, इसलिए परिवार के साथ वैभव को खोजने का नाटक किया। 

थाने में घुसी भीड़

इधर, कारोबारी के घर पर मातम परसा है। मां-दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। आज वैभव का आज अयोध्या में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं घटना के बाद नाराज भीड़ थाने में घुस गई। वहां लॉकअप में बंद आरोपी को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस ने सख्ती बरतते हुए भीड़ को हटा दिया गया।