दुर्ग्याणा मंदिर में डांस वीडियो पर बढ़ा विवाद, स्वामी अशनील महाराज बोले- पूजा स्थलों की मर्यादा से न करें खिलवाड़
अमृतसर स्थित प्रसिद्ध दुर्ग्याणा मंदिर परिसर में कथित तौर पर एक महिला द्वारा पंजाबी गाने पर डांस करते हुए वीडियो बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस पर धार्मिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
काली सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (हरिद्वार) स्वामी अशनील महाराज ने बुधवार को इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक का दायित्व है।
'धार्मिक भावनाओं को पहुंची ठेस'
मीडिया से बातचीत के दौरान स्वामी अशनील महाराज ने कहा कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल पूजा, आराधना और आध्यात्मिक साधना के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर मनोरंजन के उद्देश्य से डांस वीडियो बनाना धार्मिक परंपराओं और आस्था के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सावन का पवित्र महीना चल रहा है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे समय में सभी लोगों को धार्मिक स्थलों की गरिमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उनके अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से सनातन समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है और पूजा स्थलों की मर्यादा प्रभावित होती है।
मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
स्वामी अशनील महाराज ने इस पूरे प्रकरण में मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर परिसर में कथित रूप से वीडियो बनाया जा रहा था, तो वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और प्रबंधन की जिम्मेदारी थी कि वे तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसी गतिविधि को रोकते।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती, तो न केवल वीडियो के वायरल होने से बचा जा सकता था, बल्कि इस पूरे विवाद की स्थिति भी उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने मंदिर प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की।
'मनोरंजन के लिए सार्वजनिक स्थानों का करें उपयोग'
स्वामी अशनील महाराज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को डांस या मनोरंजन से जुड़े वीडियो बनाने हैं, तो इसके लिए सार्वजनिक पार्क, खुले मैदान या अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हैं। धार्मिक स्थलों का उपयोग इस प्रकार की गतिविधियों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत विविध धार्मिक परंपराओं वाला देश है और सभी धर्मों के पूजा स्थलों की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। धार्मिक स्थलों पर आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे वहां आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं का सम्मान बना रहे।
हालांकि, इस मामले में मंदिर प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विभिन्न वर्गों के लोग अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।