मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत दमोह में भ्रमण कार्यक्रम जारी,बांदकपुर स्कूल मामले में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई
दमोह। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत दमोह जिले में विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों के भ्रमण का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। अभियान का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्तर पर समीक्षा करना, आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करना तथा उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान 7 अगस्त 2026 से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे और जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की शिकायतों का समाधान करेंगे।
7 अगस्त से शुरू होगा अभियान
जारी कार्यक्रम के अनुसार 7 अगस्त को जनपद पंचायत जबेरा से अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद 14 अगस्त को जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा एवं नगर परिषद तेंदूखेड़ा, 21 अगस्त को जनपद पंचायत पथरिया एवं नगर परिषद पथरिया, 11 सितंबर को जनपद पंचायत बटियागढ़, 18 सितंबर को जनपद पंचायत दमोह तथा 25 सितंबर को जनपद पंचायत पटेरा एवं नगर परिषद पटेरा में अधिकारियों का भ्रमण प्रस्तावित है। अक्टूबर माह में 9 अक्टूबर को जनपद पंचायत हटा एवं नगर परिषद हटा, 16 अक्टूबर को नगर पालिका दमोह, 23 अक्टूबर को नगर परिषद हिंडोरिया तथा 30 अक्टूबर को जनपद पंचायत जबेरा का भ्रमण किया जाएगा। नवंबर में 6 नवंबर को तेंदूखेड़ा, 13 नवंबर को पथरिया, 20 नवंबर को बटियागढ़ तथा 27 नवंबर को जनपद पंचायत दमोह में कार्यक्रम आयोजित होंगे। दिसंबर में 4 दिसंबर को पटेरा, 11 दिसंबर को हटा तथा 18 दिसंबर को नगर पालिका दमोह में अभियान के अंतर्गत शिविर लगाए जाएंगे। अभियान के अंतिम चरण में 1 जनवरी 2027 को नगर परिषद हिंडोरिया तथा 8 जनवरी 2027 को जनपद पंचायत दमोह एवं नगर पालिका दमोह में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह प्रवीण फुलपगारे ने बताया कि अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले शिविरों के स्थान और समय की विस्तृत जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
बांदकपुर स्कूल मामले में कलेक्टर की सख्त कार्रवाई
इसी बीच उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांदकपुर से विद्यार्थियों की शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई और शिकायतकर्ताओं के बयान एकतरफा ढंग से दर्ज किए गए। कलेक्टर ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मामले की दोबारा जांच कराई गई। पुनः जांच में यह सामने आया कि शिकायतकर्ताओं के बयान निष्पक्ष तरीके से दर्ज नहीं किए गए थे। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए प्राचार्य को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस जांच समिति ने गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है, उसे नोटिस जारी किया जाएगा तथा समिति के सदस्यों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की गुटबाजी से दूर रहकर अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और बेहतर परिणाम प्राप्त कर विद्यालय एवं जिले का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की समस्या सामने आती है तो छात्र सीधे जिला शिक्षा अधिकारी या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को अधिकारियों के संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उनकी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।