भोपाल में आवासीय भवनों में कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती, 1018 प्रतिष्ठानों को नोटिस,कई दुकानें बंद
भोपाल नगर निगम ने शहर के आवासीय इलाकों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़ियाकलां सहित कई क्षेत्रों में निगम की टीमों ने कार्रवाई तेज करते हुए 1018 भवनों को नोटिस जारी किए हैं। कई दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर बोर्ड लगा दिए गए हैं, जिन पर लिखा है कि "इस भवन में व्यावसायिक गतिविधि बंद कर दी गई है।"
19 बड़े प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी की तैयारी
नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां के 19 बड़े शोरूम और रेस्त्रां को 24 घंटे के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का नोटिस दिया था। शनिवार को इन प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी की कार्रवाई की गई। इसके अलावा अरेरा कॉलोनी के 9 और बावड़ियाकलां के 10 अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। इन स्थानों पर ट्रैफिक जाम और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों का असर
आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक निर्माण और कारोबार को लेकर स्थानीय रहवासियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालतों के निर्देशों के बाद नगर निगम ने 15 जून से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की और अब कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
व्यापारियों का विरोध और राहत की मांग
कार्रवाई के विरोध में 10 नंबर मार्केट सहित कई क्षेत्रों के व्यापारी प्रदर्शन कर रहे हैं। व्यापारी महासंघ का कहना है कि वे वर्षों से कमर्शियल दर पर बिजली बिल, संपत्ति कर और जीएसटी का भुगतान कर रहे हैं तथा उनके पास नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस भी है। उनका तर्क है कि 21 वर्षों से नया मास्टर प्लान लागू नहीं होने के कारण उन्हें आवासीय परिसरों से व्यवसाय चलाने की मजबूरी है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उठाई मिक्स लैंड यूज की मांग
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) ने नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने और स्थायी समाधान तक राहत देने की मांग की है। चैंबर का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ, जिससे पर्याप्त कमर्शियल भूखंड उपलब्ध नहीं हो सके। संगठन ने गुजरात की तर्ज पर मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू करने और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।