बुजुर्ग दंपती की हत्याकांड का खुलासा, दोनों आरोपियों ने कबूला अपना जुर्म,मृतका की भाभी बेकसूर
भोपाल के ऐशबाग में हुई बुजुर्ग दंपती की हत्याकांड में नया खुलासा सामने आया है। पुलिस रिमांड के दौरान जांच में सामने आया है कि यह दोहरी हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए की संपत्ति को हड़पने की सुनियोजित और खौफनाक साजिश थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए दोनों भाई ने फूल प्लानिंग की थी। और घटना को अंजाम दिया गया।
बता दें कि मुख्य आरोपी श्रीकांत और उसके भाई शशिकांत की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें जूडिशल कस्टडी (जेल) में भेज दिया गया है।और पुलिस अब डिजिटल, फॉरेंसिक और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
आईए समझते है पुलिस जांच के बड़े खुलासे
पहला: गिफ्ट डीड और रुपयों का दबाव (18 लाख का खर्च)
वारदात के आरोपी श्रीकांत ने बुजुर्ग दंपती के मकान को अपने नाम कराने के लिए गिफ्ट डीड बनवाने में करीब 18 लाख रुपए खर्च किए थे। उसने शकुंतला को 3 लाख रुपए नकद भी दिए थे। इतना बड़ा आर्थिक निवेश करने के बाद उस पर रुपयों का दबाव बढ़ गया था। उसे उम्मीद थी कि 6 महीने से 1 साल के अंदर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वह करोड़ों का मकान बेच देगा। जल्द कब्जा पाने के लालच में उसने मर्डर प्लान किया।
2. भाई को आधा मकान बेचने का लालच
बता दें कि हत्या की साजिश में अपने भाई शशिकांत को शामिल करने के लिए श्रीकांत ने उसे बड़ा लालच दिया। उसने वादा किया कि मकान बिकने के बाद जो भी करोड़ों रुपए मिलेंगे, उसमें से आधा हिस्सा शशिकांत का होगा। इसी लालच में शशिकांत ने हां की और वो भी वारदात में शामिल हो गया।
3. 1.05 लाख में खरीदे गए दो देशी कट्टे
आऱोपियों ने बताया की वारदात में इस्तेमाल दोनों देशी कट्टे मालवा क्षेत्र से खरीदे गए थे। श्रीकांत ने एक कट्टा 50 हजार और दूसरा 55 हजार रुपए में खरीदा था। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर है। जैसे सप्लाई चेन से जुड़े तस्करों को चिह्नित कर उन पर अलग से कार्रवाई की जा रही है।
4. भाभी शिवानी को क्लीन चिट, लेकिन 10 लाख के फ्रॉड का एंगल
शकुंतला की भाभी शिवानी बारीक की हत्या की साजिश में कोई भूमिका सामने नहीं आई है, इसलिए पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। लेकिन जांच में सामने आया कि श्रीकांत ने शिवानी का 42 लाख रुपए का प्लॉट बेचा था, लेकिन उन्हें सिर्फ 32 लाख रुपए ही दिए। आरोपी ने पूछताछ में इस 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी को कबूला है, जिसकी पुलिस अलग से जांच कर रही है।
आगे क्या होगा? : पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान जुटाए गए सभी फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों को समेटकर कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही है, ताकि अदालत में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
फिलहाल दोनों आऱोपी गिरफ्तार हो चुके है। और उन्हे सजा दी जाएगी.