पायलट की छुट्टी से बिगड़ी कश्मीर ट्रिप, एयर इंडिया पर 96 हजार का जुर्माना
भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एयर इंडिया को छह वरिष्ठ नागरिक यात्रियों को कुल 96 हजार रुपए (90 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और 6 हजार रुपए वाद व्यय) देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि एयरलाइन ने यात्रा से महज दो घंटे पहले फ्लाइट का समय बदलकर यात्रियों को भारी असुविधा पहुंचाई और पर्याप्त वैकल्पिक सहायता भी उपलब्ध नहीं कराई। इसे उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सेवा में कमी माना गया।
कश्मीर यात्रा की महीनों पहले थी तैयारी
भोपाल निवासी छह वरिष्ठ नागरिकों ने 13 अप्रैल 2024 को 11 मई की भोपाल-दिल्ली-श्रीनगर और 17 मई की वापसी यात्रा के लिए टिकट बुक किए थे। करीब 1.18 लाख रुपए खर्च कर उन्होंने होटल, हाउसबोट, टैक्सी, स्थानीय पर्यटन और रेलवे टिकट समेत पूरी यात्रा की अग्रिम बुकिंग कर ली थी। लेकिन आखिरी समय में फ्लाइट बदलने से उनका पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया।
दो घंटे पहले बदला गया यात्रा कार्यक्रम
यात्रियों के अनुसार यात्रा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले एयर इंडिया ने सूचना दी कि निर्धारित फ्लाइट से यात्रा संभव नहीं होगी और उन्हें अगले दिन भेजा जाएगा। इससे होटल, टैक्सी, पर्यटन पैकेज और रेलवे बुकिंग दोबारा करनी पड़ी। यात्रियों का आरोप था कि समय पर सूचना न मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।
एयर इंडिया का 'बर्ड स्ट्राइक' बचाव
आयोग में एयर इंडिया ने दावा किया कि दिल्ली में बर्ड स्ट्राइक के कारण विमान संचालन प्रभावित हुआ, जिससे कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की आशंका थी। एयरलाइन ने इसे नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति बताते हुए सेवा में कमी से इनकार किया। हालांकि यात्रियों का कहना था कि उन्हें पहले कभी बर्ड स्ट्राइक की जानकारी नहीं दी गई थी।
सबूत नहीं दे सकी एयरलाइन, यात्रियों के पक्ष में फैसला
आयोग ने कहा कि एयर इंडिया अपने बर्ड स्ट्राइक दावे के समर्थन में डीजीसीए की जांच रिपोर्ट, तकनीकी रिपोर्ट या कोई आधिकारिक दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। केवल मौखिक या लिखित दावा पर्याप्त नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर आयोग ने एयरलाइन को आदेश दिया कि वह दो महीने के भीतर 8 दिसंबर 2024 से 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित 96 हजार रुपए संबंधित यात्रियों को अदा करे।