मुकेरियां नगर परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी ने मह

एक सीट से सत्ता तक: मुकेरियां नगर परिषद पर आम आदमी पार्टी का कब्जा, बदले राजनीतिक समीकरण

मुकेरियां के नगर परिषद चुनाव में महज एक सीट जीतने वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने राजनीतिक रणनीति और समर्थन जुटाकर बड़ा उलटफेर कर दिया। 15 सदस्यीय मुकेरियां नगर परिषद में पार्टी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत दर्ज कर परिषद पर कब्जा कर लिया। पार्टी समर्थित  अनूप कुमार भट्टी नगर परिषद के अध्यक्ष और डॉ. मधुमिता उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। चुनाव परिणाम घोषित होने के करीब दो महीने बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें आम आदमी पार्टी ने सभी समीकरण अपने पक्ष में कर लिए।

चुनाव परिणाम के बाद बदला पूरा राजनीतिक गणित

नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने सात, कांग्रेस ने छह, आम आदमी पार्टी ने एक और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। शुरुआती स्थिति को देखते हुए भाजपा अध्यक्ष पद की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही थी। लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने पूरे समीकरण बदल दिए। लगातार हुए दल-बदल और समर्थन के कारण आम आदमी पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया।

कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने थामा 'आप' का दाम

अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कांग्रेस के तीन पार्षद आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इसके अलावा पूर्व कांग्रेसी नेता सरबजोत सिंह साबी ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जबकि एक निर्दलीय पार्षद ने आम आदमी पार्टी को समर्थन दे दिया। सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम मतदान से ठीक एक दिन पहले सामने आया, जब भाजपा के पार्षद अनूप कुमार भट्टी और डॉ. मधुमिता भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद पार्टी के समर्थन में कुल 10 पार्षद हो गए, जिससे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत आसान हो गई।

शहर की मूलभूत सुविधाओं को दी जाएगी प्राथमिकता

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने शहर के विकास को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का पहला लक्ष्य सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना, पेयजल आपूर्ति सुधारना, सड़कों की मरम्मत, सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करना और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना होगा। चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक भी मौजूद रहे। इस जीत को पार्टी ने पंजाब की स्थानीय राजनीति में अपने बढ़ते प्रभाव का संकेत बताया है।