उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने 11 मंत्रियों को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई है। इनमें कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एक जैकेट की कीमत करीब 10 लाख रुपए है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन जैकेट्स को मंत्रियों को देने का आधिकारिक कारण क्या है। मंत्रियों को बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने की खबर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। भास्कर से बातचीत में कुछ मंत्रियों ने बताया कि उन्हें जैकेट मिल तो गई है, लेकिन इसे पहनने का तरीका ही नहीं पता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के साथ क्या मंत्रियों को इन्हें इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
पहली बार मंत्रियों को दी गई जैकेट
सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में यह पहली बार है जब सरकार ने मंत्रियों को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सूत्रों का दावा है कि कुछ सुरक्षा इनपुट के आधार पर यह फैसला लिया गया। आशंका जताई जा रही थी कि कुछ मंत्रियों को निशाना बनाया जा सकता है। इसी को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं।
चुनाव से पहले सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रियों को इस तरह के सुरक्षा उपकरण दिए जाने को लेकर राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, जैकेट किन परिस्थितियों में इस्तेमाल की जाएगी और किन मंत्रियों को किस स्तर का सुरक्षा इनपुट मिला है, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। बुलेटप्रूफ जैकेट आमतौर पर गोली लगने के खतरे से शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों को बचाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। ऐसे उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल तभी संभव है, जब उन्हें सही तरीके से पहना और संभाला जाए।
फिलहाल सरकार की ओर से जैकेट की खरीद, सुरक्षा मानकों और मंत्रियों को दी गई ट्रेनिंग को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।