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Son missing for 10 years: बेटे को ढूंढने वाले को 10 लाख का इनाम

[caption id="attachment_66158" align="alignnone" width="300"] Search For His Son[/caption]

10 साल पहले खोए बेटे को पाने बाप ने रखी इनाम

Son missing for 10 years: मध्यप्रदेश के ग्वालियर का एक पिता अपे बेटे की तलाश में 10 साल से भटक रहा है.बेटे सूर्यांश की तलाश में 10 से ज्यादा राज्यों के 500 मंदिर और साधु-संतों के आश्रम खंगाल चुका हूं.हारे थके पिता ने बेटे का पता बताने पर 10 लाख का इनाम रखा है.

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10 साल पहले लापता हुआ था बेटा सूर्याश

ग्वालियर के जयंत सोलंकी के बेटे सूर्यांश को 3 साल की उम्र में घर से ही अगवा कर लिया गया। 10 साल हो चुके हैं। बेटे की तलाश अब भी जारी है। जयंत का कहना है कि बच्चे को तलाशते हुए अपना एक भाई भी खो चुका हूं। कई ठग-तांत्रिकों ने भी मुझे ठगा। बावजूद इसके एक बार भी यह आस नहीं छोड़ी कि मेरा सूर्यांश मुझे नहीं मिलेगा। यह उम्मीद मरते दम तक बनी रहेगी।

महाकुंभ में 7 दिन तक तलाश किया

सूर्याश के पिता महाकुंभ में 7 दिन रुके। एक-एक अखाड़ा और साधु-संतों को सूर्यांश का फोटो दिखाया। भीड़ में एक-एक इंसान से पूछताछ कर अपने बच्चे के बारे में पूछा और बताया। जयंत ने बताया कि वह दो बार कुंभ इसी आश में गए थे कि शायद वह महाकुंभ में किसी के साथ आया हो।

तलाश में कर चुके है 30 लाख खर्च

10 लाख इनाम, तलाश में 30 लाख खर्च सूर्यांश की तलाश में सोलंकी परिवार ने पिछले दस साल में लगभग 30 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। ऐसा कोई शहर या प्रदेश नहीं होगा जहां एक पिता ने अपने बेटे को नहीं ढूंढा हो। बेटे की तलाश में तांत्रिकों से भी ठगा गया सूर्यांश के पिता जयंत ने बताया कि जब बेटे का अपहरण हुआ था तो कई बाबा, संत व तांत्रिक तक पर मैंने भरोसा किया। कई बार ठगी का शिकार हुआ, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। साल 2016 में किसी ने बताया कि कैलारस में कोई बड़ा तांत्रिक है जो सबकुछ बता देता है। Click this: लैटस्ट खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करे 

दादा के सामने हुआ था अपहरण

Son missing for 10 years: दादा के सामने से गायब हो गया था सूर्यांश ग्वालियर के पनिहार में रहने वाले ढाबा मालिक जयंत सोलंकी का तीन साल का बेटा सूर्यांश, 7 सितंबर 2015 को अपने फार्म हाउस में खेल रहा था। कुछ ही दूरी पर उसके दादा कल्याण सिंह बैठे थे। दादी उर्मिला देवी और मां लक्ष्मी घर के अंदर काम में व्यस्त थीं। सुबह 8 बजे का समय था जरा सा ध्यान हटा तो फार्म हाउस के दरवाजे पर खेल रहा सूर्यांश लापता हो गया।