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कान्हा टाइगर रिजर्व जाने से पहले जान ले नियम: कोर पर्यटन क्षेत्र में मोबाइल फोन पूरी तरह बैन

By : Narendra Singh
कान्हा टाइगर रिजर्व जाने से पहले जान ले नियम: कोर पर्यटन क्षेत्र में मोबाइल फोन पूरी तरह बैन
अगर आप कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में जंगल सफारी का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं, तो अब मोबाइल फोन साथ ले जाना भूल जाइए। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व में कोर पर्यटन जोनों के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली के 17 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इन क्षेत्रों में लागू प्रतिबंध

कान्हा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, यह प्रतिबंध कोर हैबिटेट के सभी पर्यटन जोनों में लागू रहेगा। इसके तहत किसली, कान्हा, मुक्की, सरही, फेन अभ्यारण्यसहित खापा, सिझौरा और खटिया प्रवेश द्वारों पर इस संबंध में स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को पहले से जानकारी मिल सके।

पर्यटकों से लेकर गाइड तक, सभी पर नियन नियम

वन विभाग ने साफ किया है कि यह नियम केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं है। गाइड, जिप्सी चालक, वाहन मालिक और गाइड एसोसिएशन-सभी को इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है। आदेश के अनुसार,कोर पर्यटन क्षेत्र में मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्यों लिया गया फैसला

वन विभाग का मानना है कि मोबाइल फोन का उपयोग वन्यजीवों को परेशान करता है जंगल की प्राकृतिक शांति भंग करता है संवेदनशील टाइगर हैबिटेट के लिए खतरा बन सकता है इसी को ध्यान में रखते हुए यह कदम वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और बाघों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया गया है।

पर्यटकों के लिए क्या बदलेगा

न फोटो क्लिकिंग न वीडियो रिकॉर्डिंग न कॉल और न सोशल मीडिया पर्यटकों को केवल प्रकृति, जंगल और वन्यजीवों के अनुभव पर ध्यान देना होगा। वन विभाग का कहना है कि इससे न केवल वन्यजीवों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटकों को भी जंगल का वास्तविक और शांत अनुभव मिल सकेगा।

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