सावन व्रत के लिए घर पर आज ही बनाएं सिंघाड़े का शुद्ध आटा, झटपट होगा तैयार
व्रत, उपवास और त्योहारी सीजन के दौरान हमारे खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाता है. ऐसे पावन अवसरों पर कुट्टू, सिंघाड़ा और साबूदाना जैसी चीजें हमारी रसोई का अहम हिस्सा बन जाती हैं. इनमें सिंघाड़े का आटा सेहत और ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है जिसका सेवन व्रत के दिनों में थकान दूर करने और शरीर को शक्ति देने के लिए किया जाता है.
हालांकि, बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद सिंघाड़े के आटे में मिलावट या साफ-सफाई की कमी का डर हमेशा बना रहता है. ऐसे में अगर आप बाजार पर निर्भर रहने के बजाय घर पर ही शुद्ध, ताजा और मिलावट-मुक्त सिंघाड़े का आटा तैयार कर लें तो न केवल आपकी सेहत सुरक्षित रहेगी बल्कि व्रत के पकवानों का स्वाद भी कई गुना बढ़ जाएगा. आइए जानते हैं घर पर ही बाजार जैसा बारीक और सफेद सिंघाड़े का आटा बनाने की बहुत ही आसान और असरदार ट्रिक.
सामग्री:
कच्चे सिंगाड़े- जरूरत के अनुसार
अगर आप ताजे कच्चे सिंगाड़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सबसे पहले उनके छिलके उतार लें. छिलके उतारने के बाद सिंगाड़ों को अच्छी तरह धो लें.
धुले हुए सिंगाड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. ताकि वो जल्दी और अंदर तक सूख सकें.
इन टुकड़ों को एक सूती कपड़े या थाली में फैलाकर 3 से 4 दिनों तक तेज धूप में अच्छी तरह सुखा लें.
टुकड़े पूरी तरह सूखकर कड़क हो जाने चाहिए ताकि पीसते समय मिक्सी पर जोर न पड़े और नमी बिल्कुल न रहे. इस तरह आपका घर पर फ्रेश आटा तैयार हो जाएगा.
अगर आप बाजार से सूखे सिंगाड़े यानी सिंगाड़े की गोटी ला रहे हैं तो यह स्टेप करने की जरूरत नहीं है.
सूखे हुए सिंगाड़ों के टुकड़ों को मिक्सी के जार में डालें.
इन्हें मिक्सी में रुक-रुक कर पीस लें ताकि एक बारीक पाउडर तैयार हो जाए.
पिसे हुए मिश्रण को एक बारीक छन्नी या मलमल के कपड़े से अच्छी तरह छान लें.
छानने से जो मोटा दरदरा हिस्सा बचेगा, उसे दोबारा मिक्सी में डालकर फिर से पीस लें और छान लें.
इस तरह तैयार किए गए शुद्ध सिंगाड़े के आटे को किसी एयर-टाइट कंटेनर में भरकर रख लें. यह व्रत के दौरान महीनों तक खराब नहीं होता है.
यह घर का बना आटा पूरी तरह मिलावट-मुक्त होता है, जिससे आप व्रत में स्वादिष्ट पूरियां, हलवा, पराठे या चीला बेझिझक बना सकती हैं.