भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद फैसला आज

मप्र हाईकोर्ट आज सुना सकती है भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले पर फैसला

भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर मप्र हाईकोर्ट की इंदौर बेंच आज फैसला सुना सकती है। इंदौर और धार जिला प्रशासन अलर्ट पर।

मप्र हाईकोर्ट आज सुना सकती है भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले पर फैसला

धार की विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद मामले में आज मप्र हाईकोर्ट की इंदौर बेंच फैसला सुना सकती है। सालों पुराने इस संवेदनशील विवाद में पांच याचिकाओं और तीन इंटरवेंशन पर सुनवाई पूरी होने के बाद डबल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसले के मद्देनजर इंदौर और धार जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

धार पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने कंट्रोल रूम पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पुलिस बल को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि धार शहर की सुरक्षा 12 लेयर में की गई है। रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है।

2022 में दायर हुई थी याचिका

यह मामला 2022 में शुरू हुआ, जब रंजना अग्निहोत्री और अन्य ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की।

ASI ने किया था 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे

2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी। हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली।

हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क

हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र बताते हुए ऐतिहासिक दस्तावेज, ASI सर्वे, शिलालेख, स्थापत्य अवशेष और वसंत पंचमी पर पूजा की परंपरा का हवाला दिया। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ समरांगण सूत्रधार का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें वर्णित मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले के विपरीत भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति मौजूद नहीं है।

संबंधित सामग्री

इंदौर में RE-2 का रास्ता साफ, 300 से ज्यादा मकानों पर कार्रवाई शुरू, 3 साल से अटकी कनेक्टिविटी का रास्ता साफ

इंदौर में RE-2 का रास्ता साफ, 300 से ज्यादा मकानों पर कार्रवाई शुरू, 3 साल से अटकी कनेक्टिविटी का रास्ता साफ

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में RE-2 यानी रिंग रोड एक्सटेंशन-2 को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है।

23 साल से लंबित मांगों पर सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल,स्थायी नौकरी की उठी मांग

23 साल से लंबित मांगों पर सफाई कर्मचारियों का हल्लाबोल,स्थायी नौकरी की उठी मांग

इंदौर के सफाई कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर नगर निगम परिसर में धरना दिया और 48 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया।

इंदौर में 66 करोड़ के लोन घोटाले में बड़ा एक्शन, 21 आरोपी और संबंधित संस्थाएं तलब

इंदौर में 66 करोड़ के लोन घोटाले में बड़ा एक्शन, 21 आरोपी और संबंधित संस्थाएं तलब

इंदौर से जुड़े 66 करोड़ रुपए के बैंक ऋण घोटाले में 21 आरोपियों को कोर्ट ने तलब किया। ईडी ने धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों की जांच की।

इंदौर छावनी में रोड चौड़ीकरण के लिए फिर चला बुलडोजर, मथुरावाला बिल्डिंग समेत बाधक हिस्से हटाए

इंदौर छावनी में रोड चौड़ीकरण के लिए फिर चला बुलडोजर, मथुरावाला बिल्डिंग समेत बाधक हिस्से हटाए

इंदौर के छावनी क्षेत्र में मास्टर प्लान के अनुसार रोड चौड़ीकरण की कार्रवाई फिर से शुरू हुई, कई पुराने मकान और दुकानों के बाधक हिस्से हटाए गए।

मोनालिसा के जन्म प्रमाण पत्र विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पहला जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने का आदेश निरस्त

मोनालिसा के जन्म प्रमाण पत्र विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पहला जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने का आदेश निरस्त

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मोनालिसा भोंसले के जन्म प्रमाण पत्र विवाद में पहले जारी प्रमाणपत्र को रद्द करने का आदेश निरस्त किया है।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर