झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव एक बार फिर अपने बयान को लेकर पार्टी के निशाने पर हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ हालिया टिप्पणी के बाद प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साव से तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पार्टी संविधान के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
मामला हजारीबाग के हुरहुरू इलाके में 50 डिसमिल खासमहल जमीन पर प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा है। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के साथ विवाद के बाद साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर तीखी टिप्पणी की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने सोरेन को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से झारखंड सरकार से समर्थन वापस लेने की अपील भी की।
कांग्रेस ने मांगा तीन दिन में जवाब
साव के बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने मामले को अनुशासन समिति के सामने रखा। समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में उनके आचरण को पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत बताया गया है। समिति ने यह भी कहा है कि इस तरह के बार-बार सामने आने वाले मामलों से संगठन की छवि प्रभावित होती है।
नोटिस मिलने के बाद साव ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि अब नोटिस मिल चुका है, इसलिए वह समिति के समक्ष अपना जवाब देंगे।
पहले भी झेल चुके हैं कांग्रेस की कार्रवाई
योगेंद्र साव के लिए यह पहली अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं है। इससे पहले मार्च 2026 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गठबंधन सरकार के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी के मामले में कांग्रेस ने उन्हें तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया था। हालांकि, जून में पार्टी नेतृत्व ने उनका निष्कासन रद्द कर दिया और उन्हें दोबारा कांग्रेस में शामिल कर लिया।
अब ताजा नोटिस के बाद एक बार फिर उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, फिलहाल यह केवल कारण बताओ नोटिस है और साव का जवाब मिलने के बाद ही पार्टी आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।
JMM ने भी जताई आपत्ति
साव की टिप्पणी पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी आपत्ति जताई है। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। JMM का कहना है कि झारखंड में कांग्रेस और JMM गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं, ऐसे में गठबंधन के मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
JMM के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय उपाध्यक्ष बैद्यनाथ राम ने भी साव की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और पहले भी ऐसी स्थिति में कांग्रेस कार्रवाई कर चुकी है।
अब साव के जवाब का इंतजार
कांग्रेस के नोटिस के बाद अब सबकी नजर योगेंद्र साव के जवाब पर है। उन्हें तय समय के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के साथ अनुशासन समिति के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होना है। इसके बाद पार्टी उनके जवाब और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे का फैसला करेगी।