भाजपा ने संगठन में बड़ा बदलाव किया. जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। साथ ही सिद्धार्थ शंभू को सह प्रभारी बनाया गया है। और स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी मिली जिसके तुरंत बाद कांग्रेस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रभारी अमीनुल सूरी ने स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए उनके राजनीतिक सफर और नई जिम्मेदारी को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं।
‘राजनीतिक बनवास खत्म होने पर बहुत-बहुत बधाई’
इसको लेकर अमीनुल सूरी ने तंज कसा और कहा कि स्मृति ईरानी का राजनीतिक बनवास खत्म होने पर उन्हें बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ का प्रभार मिलने के बाद अब स्मृति ईरानी को ‘रील और रियल लाइफ’ के अंतर का पता चलेगा। साथ ही उन्होंने स्मृति ईरानी के बारे में ‘रील लाइफ’ और ‘रियल लाइफ’ का जिक्र करते हुए उन पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में उन्हें वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
‘यूपी से दूर रखकर छत्तीसगढ़ और हरियाणा भेजा गया?’
सूरी ने कहा कि... उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा चुनावी राज्य है और स्मृति ईरानी वहां से सांसद भी रह चुकी हैं तथा केंद्र में मंत्री रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें यूपी से दूर रखकर हरियाणा और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी देना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
सियासत में बढ़ेगी बयानबाजी?
स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रभार ऐसे समय मिला है जब बीजेपी राज्य में सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर अपनी गतिविधियां आगे बढ़ा रही है। नई जिम्मेदारी के तहत उन्हें केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच समन्वय, संगठनात्मक कार्यक्रमों की निगरानी और पार्टी के कामकाज की समीक्षा जैसी जिम्मेदारियां निभानी होंगी।अब नजर इस बात पर होगी कि स्मृति ईरानी इस हमले का जवाब देती हैं या संगठनात्मक काम के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की शुरुआत करती हैं।