पश्चिमी राजस्थान में कम बारिश के कारण फसलों पर संकट गहराता जा रहा है। खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं और कई इलाकों में पीने के पानी के साथ पशुओं के लिए चारे की समस्या भी सामने आने लगी है। किसानों और पशुपालकों की परेशानियों को देखते हुए पश्चिमी राजस्थान को अकाल प्रभावित घोषित करने की मांग उठी है। इसी मांग को लेकर पाली जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन पूर्व किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष खीमाराम चौधरी ढारिया ने दिया।
बारिश की कमी से संकट
ज्ञापन में कहा गया है कि पाली, जालोर, सिरोही, जोधपुर, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर और नागौर समेत पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में इस बार बारिश कम हुई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में फसलें प्रभावित हुई हैं और किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। बारिश की कमी का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी और पशुओं के चारे की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी बढ़ने लगी है। ऐसे में किसानों और पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है।
सर्वे कराने की मांग
ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री से पश्चिमी राजस्थान के प्रभावित जिलों में फसलों और बारिश की स्थिति का सर्वे कराने की मांग की गई है। मांग है कि सर्वे के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों को अकाल घोषित किया जाए, ताकि किसानों को सरकारी राहत का लाभ मिल सके। ज्ञापन में कहा गया कि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का आकलन किया जाना जरूरी है, जिससे नुकसान का सही आंकलन हो सके और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
मुआवजे की मांग
किसानों ने फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में पानी और चारे की व्यवस्था को लेकर भी राहत कदम उठाने की जरूरत बताई गई है। ज्ञापन सौंपने वालों का कहना है कि कम बारिश का सबसे ज्यादा असर खेती और पशुपालन पर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को किसानों की स्थिति को प्राथमिकता देते हुए जल्द राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
किसानों को राहत की उम्मीद
पश्चिमी राजस्थान के इन जिलों में बारिश की कमी से पैदा हुए हालात को लेकर अब किसानों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे और नुकसान का आकलन होने के बाद ही राहत की तस्वीर साफ हो सकेगी। किसानों की मांग है कि सरकार जल्द फैसला लेकर आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी राहत उपलब्ध कराए।