उत्तराखंड में मानसून अब आफत बन गया है। बीते 24 घंटे में बारिश से जुड़े हादसों में 3 लोगों की मौत हो गई। इनमें हरिद्वार में खेतों में काम कर रहे 2 किसानों की बिजली गिरने से मौत हुई, जबकि देहरादून में बारिश के दौरान नाली में बहने से 6 साल के बच्चे की भी जान चली गई। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 84 सड़कें बंद हो गई हैं। उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है।
यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन से बंद
आज नैनीताल, देहरादून, ऊधम सिंह नगर, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत 5 जिलों में बारिश हुई। उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन से बंद हो गया, जबकि बागेश्वर की सीमा से लगे रमाड़ी ग्राम पंचायत के मुनधुरा तोक में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में रेड, 7 जिलों में ऑरेंज और अल्मोड़ा व चमोली में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

जिलाधिकारियों को किया अलर्ट
अगले 3 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की चेतावनी दी गई है। इसके बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने, राहत और बचाव दलों को तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है।

कैलाश-मानसरोवर यात्रियों का जत्था रुका
उत्तरकाशी में लगातार हो रही बारिश के बीच स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर आने के कारण हाईवे बंद हो गया, जिससे यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो गई है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर की सीमा से लगे रमाड़ी ग्राम पंचायत के मुनधुरा तोक में शनिवार करीब 3:30 बजे भारी भूस्खलन हो गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरने से दहशत फैल गई। उत्तराखंड में लैंडस्लाइड के बाद केदारनाथ यात्रा के रूट पर घोड़े- खच्चरों की सेवाएं रोक दी गईं और कैलाश-मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था भी रुक गया।