उत्तराखंड में निर्धारित मान्यता और शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों पर कार्रवाई की गई है। अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, देहरादून में तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई हुई। आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील कर दिया गया। वहीं मदरसा दार-ए-अरकम और मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों ने संचालन बंद करने की लिखित अंडरटेकिंग दी है। सरकार के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद करने की लिखित सूचना दी है। यानी कुल 20 बिना मान्यता वाले मदरसों का संचालन बंद कराया गया है।
आधुनिक और रोज़गारपरक शिक्षा का अधिकार हर युवा को है, कबीलाई मानसिकता और कट्टरपंथ से प्रेरित शिक्षा का आज के समय में कोई औचित्य नहीं है। इसीलिए हमने उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड भंग कर सभी मदरसों को राज्य सरकार द्वारा संचालित पाठ्यक्रम पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। pic.twitter.com/rjABKPwaao
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 5, 2026
हल्द्वानी में भी दो मदरसे सील
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में भी बिना मान्यता संचालित दो मदरसों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इनमें शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना और इंदिरा नगर, बनभूलपुरा स्थित मदरसा शामिल है। नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने बताया कि मदरसा प्रबंधकों से मान्यता से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे। निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
CM धामी का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन बिना निर्धारित मान्यता और नियमों के नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का जोर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ शैक्षणिक मानकों का पालन कराने पर है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।