राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच मोती बाग के सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। बताया जा रहा है कि इमारत में हॉस्टल संचालित हो रहा था। हादसे के समय अंदर कई छात्र मौजूद थे और 50 से 60 छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही दमकल, दिल्ली पुलिस और अन्य राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं।
NDRF समेत कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं
इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:33 बजे पुलिस और दमकल विभाग को मिली। इसके बाद मौके पर एनडीआरएफ, डीडीएमए, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस, एमसीडी और सिविल डिफेंस की टीमें पहुंचीं। मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान लगातार जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है और उन्हें अस्पताल भेजा गया है।
आसपास की इमारत भी कराई गई खाली
हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास की एक इमारत को भी खाली करा लिया है। रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। अधिकारियों के मुताबिक, अंदर फंसे लोगों की सही संख्या का पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बारिश के कारण कमजोर हुई थी इमारत?
दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बारिश के कारण इमारत कमजोर हुई हो, हालांकि हादसे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है।
CM रेखा गुप्ता ने लिया स्थिति का जायजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर चिंता जताते हुए कहा कि सभी एजेंसियां समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना सरकार की पहली प्राथमिकता है। वहीं, आतिशी ने भी हादसे की उच्चस्तरीय जांच और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।