UP विधानसभा में बिना चर्चा के अनुपूरक बजट पास हो गया है। मंगलवार को मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश किया। यह 59,019.54 करोड़ रुपए का है। विधानसभा की कार्रवाई पर मुख्यमंत्री योगी आदियनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस की।
₹59 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट
CM योगी ने कहा - जो अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक चेहरा है, वह एक बार फिर विधानसभा सत्र के दौरान देखने को मिला है। सत्र को हंगामे के हवाले करना प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ भारी अन्याय है। इस सत्र में युवाओं, किसानों, आधी आबादी महिलाओं और गरीबों के लिए नई योजनाएं शुरू हों। युवाओं के रोजगार और उनकी स्किलिंग के लिए, किसानों के लिए नई योजनाएं घोषित की जाए, गरीबों के कल्याण के लिए नए कार्यक्रम आगे बढ़ें और महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन के लिए अतिरिक्त प्रयास हों। इसके लिए हम लोग ₹59 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट लेकर आए थे।
‘सपा ने चर्चा नहीं होने दी’
CM योगी ने कहा इन सभी के लिए धनराशि की व्यवस्था भी की गई थी। नई योजनाओं पर विधानसभा में बात हो सके, इसके लिए हम ये कार्यक्रम लेकर आए थे। मगर समाजवादी पार्टी के नकारात्मक रवैये के कारण युवाओं, किसानों, महिलाओं के स्वावलंबन और गरीबों के लिए बनने वाली वेलफेयर योजनाओं पर सदन में कोई चर्चा नहीं होने दी। इनका यह आचरण असंवैधानिक, किसान विरोधी, युवा विरोधी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी है।
शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा
सीएम ने कहा- सपा शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया था। सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया है। पहले ₹3,000 मानदेय मिलता था। हमने इसे ₹3,000 से ₹10,000 और फिर 18,000 किया। उन्हें 5 लाख तक की कैशलेस सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अनुदेशकों को पहले ₹9,000 मानदेय दिया जाता था। हमने इसे बढ़ाकर ₹17,000 किया और उन्हें भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई गई। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े सभी शिक्षकों को भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई। अन्य कई तबकों के लिए भी बेहतर योजनाएं लेकर हम सप्लीमेंट्री डिमांड्स में आए थे।