एंबुलेंस का गैर-चिकित्सकीय इस्तेमाल

मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस बनी ‘स्कूल वैन’! बच्चों को लेकर पहुंची स्कूल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

शहडोल में एंबुलेंस का इस्तेमाल स्कूली बच्चों को पहुंचाने के लिए किया गया, जिससे स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

मरीजों की जिंदगी बचाने वाली एंबुलेंस बनी ‘स्कूल वैन’! बच्चों को लेकर पहुंची स्कूल, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

शहडोल से स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने और आपात स्थिति में उनकी जान बचाने के लिए किया जाता है, वही वाहन यहां स्कूली बच्चों को स्कूल पहुंचाने के काम में इस्तेमाल होता दिखाई दिया। एंबुलेंस के अंदर एक साथ कई बच्चे बैठे नजर आ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि मरीजों के लिए निर्धारित एंबुलेंस को गैर-चिकित्सकीय काम में इस्तेमाल करने की अनुमति आखिर किसने दी।

सर्किट हाउस के पास दिखी एंबुलेंस

जानकारी के मुताबिक, संभागीय मुख्यालय शहडोल में सर्किट हाउस के पास एक निजी स्कूल के बच्चों को एंबुलेंस के जरिए स्कूल पहुंचाया जा रहा था। इसी दौरान एंबुलेंस में बैठे कई स्कूली बच्चों पर लोगों की नजर पड़ी। आमतौर पर एंबुलेंस को मरीजों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल तक तत्काल पहुंचाने के लिए तैनात किया जाता है। ऐसे में उसी वाहन का इस्तेमाल बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए किए जाने से एंबुलेंस की उपलब्धता और उसके उद्देश्य पर सवाल उठना स्वाभाविक है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

राहगीर ने मोबाइल में कैद किया वीडियो

घटना के दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने एंबुलेंस को देखा और पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में एंबुलेंस के अंदर कई स्कूली बच्चे बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। यही वीडियो अब सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर एंबुलेंस मरीजों के लिए उपलब्ध कराई गई है तो उसे स्कूली बच्चों को ले जाने के लिए किस आधार पर इस्तेमाल किया गया। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि क्या इस वाहन के इस्तेमाल के लिए संबंधित विभाग या संस्था से कोई अनुमति ली गई थी।

मरीजों को एंबुलेंस के लिए करना पड़ता है इंतजार

मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि शहडोल में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियों की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस मरीज और अस्पताल के बीच जीवनरक्षक कड़ी का काम करती है। ऐसे में यदि कोई एंबुलेंस लंबे समय तक गैर-चिकित्सकीय कार्य में इस्तेमाल हो रही हो, तो उस दौरान किसी जरूरतमंद मरीज को तत्काल सेवा मिलने में परेशानी हो सकती है। यही वजह है कि वायरल वीडियो के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

एंबुलेंस के इस तरह इस्तेमाल की तस्वीर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि एंबुलेंस किस संस्था के अधीन है, उसका संचालन कौन करता है और उसका उपयोग किन परिस्थितियों में किया जा सकता है, इसकी स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। यदि नियमों के विपरीत एंबुलेंस का इस्तेमाल हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी उठ सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित वाहन किस संस्था का है और बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए उसका इस्तेमाल किसके निर्देश पर किया जा रहा था।

जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई

वायरल वीडियो ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, लेकिन मामले की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि एंबुलेंस किस विभाग या संस्था के लिए संचालित हो रही है, बच्चों को उसमें क्यों ले जाया जा रहा था और क्या इसके लिए किसी अधिकारी या संबंधित संस्था की अनुमति ली गई थी। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि एंबुलेंस उस समय किसी मरीज की सेवा के लिए उपलब्ध थी या नहीं। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही और एंबुलेंस के उपयोग की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या कोई कार्रवाई की जाती है।

संबंधित सामग्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में किया आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इसे भारत-जापान की मित्रता का प्रतीक बताया गया।

सिंगापुर में CM नायब सिंह सैनी की उद्योगपतियों से अहम मुलाकात, हरियाणा में निवेश का दिया न्योता

सिंगापुर में CM नायब सिंह सैनी की उद्योगपतियों से अहम मुलाकात, हरियाणा में निवेश का दिया न्योता

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात की और निवेश के लिए आमंत्रित किया।

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर बढ़ा राज्य, CM धामी ने दी बधाई

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर बढ़ा राज्य, CM धामी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तराखंड के CM धामी ने बधाई दी, उन्होंने विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति की सराहना की।

25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प- ‘We Will Do It’, बोले- विकसित भारत के लिए लगातार काम करता रहूंगा

25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प- ‘We Will Do It’, बोले- विकसित भारत के लिए लगातार काम करता रहूंगा

नरेंद्र मोदी ने अपने 25 साल के सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए विकसित भारत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह न थकेंगे और न रुकेंगे।

विकसित भारत संकल्प सभा में शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन, मशाल लेकर कहा- गौरव के साथ आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

विकसित भारत संकल्प सभा में शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन, मशाल लेकर कहा- गौरव के साथ आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की 25वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया।

Advertisement

सेवा के 25 वर्ष 14 सितम्बर से  13 ऑक्टोबर