बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की महिलाओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील के बाद साध्वी हर्षानंद गिरि ने आश्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी संत, आश्रम या बागेश्वर धाम का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी आश्रम में महिलाओं को खुद सेवादारों पर भरोसा न करने की सलाह दी जा रही है, तो श्रद्धालुओं को वहां जाने से पहले सुरक्षा को लेकर जरूर सोचना चाहिए।
‘अगर भरोसा नहीं तो सुरक्षा कौन देगा’
साध्वी हर्षानंद ने कहा कि अगर किसी संत को अपने ही आश्रम के सेवादारों पर भरोसा नहीं है, तो श्रद्धालु वहां अपने बच्चों और परिवार के साथ कैसे भरोसा करके जाएं। उन्होंने सवाल किया कि आश्रम के अंदर महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका कहना सभी आश्रमों के लिए नहीं है और हर आश्रम को गलत नहीं बताया जा सकता।
घर पर पूजा करने की दी सलाह
साध्वी ने महिलाओं और परिवारों को सलाह देते हुए कहा कि अगर किसी जगह की सुरक्षा को लेकर दुविधा है तो आश्रमों में जाने के बजाय अपने घर पर रहकर मंत्र जाप और पूजा-पाठ किया जा सकता है। उन्होंने आश्रम की राजनीति और विवादों से दूर रहने की बात कही। साथ ही कहा कि सुरक्षित रहना सबसे जरूरी है।
धीरेंद्र शास्त्री ने क्या कहा था
दरअसल, 3 अक्टूबर की रात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं से सतर्क रहने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाएं अकेली धाम न आएं और अगर आती हैं तो किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
मंदिर और हॉल तक रहने की अपील
धीरेंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर और हॉल के अलावा अन्य जगहों पर न जाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बागेश्वर धाम के करीब 5 किलोमीटर के पूरे क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं से लंबे समय तक धाम में नहीं रुकने और अपने सामान व सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद लेने की अपील भी की थी।