मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन, राजस्थान के टेक्सटाइल निर्यात को साल- 2030 तक 4 गुना का लक्ष्य पहुंचाना है, तो वहीं भारत सरकार देश में वस्त्र और परिधान निर्यात को 100 बिलियन डॉलर पहुंचाना लक्ष्य है। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए प्रत्येक सेक्टर को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे निवेश के साथ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें। इसी मंशा के मुताबिक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा सेक्टर आधारित करीब 15 नई नीतियां लागू की गई हैं।
राज्य स्तरीय डेडिकेटेड टेक्सटाइल सेल का गठन
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि अब राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल नीति-2025 के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक राज्य स्तरीय डेडिकेटेड टेक्सटाइल सेल का गठन किया गया। यह सेल प्रदेश में टेक्सटाइल इकाइयों को प्रोत्साहित करने, नवीनतम तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश करेगी। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर बाधाओं की पहचान, उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों और निर्यातकों से संवाद, देश-विदेश के प्रमुख वस्त्र केंद्रों का अध्ययन, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वस्त्र प्रदर्शनियों में भागीदारी शामिल है।
टेक्सटाइल को थ्रस्ट क्षेत्र किया घोषित
टेक्सटाइल क्षेत्र से संबंधित डेटा का संकलन और विश्लेषण करेगी। इसी साल अक्टूबर में 1-2 दिवसीय टेक्सटाइल समिट का आयोजन भी प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार द्वारा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत टेक्सटाइल को थ्रस्ट क्षेत्र घोषित कर अतिरिक्त परिलाभ दिए जा रहे हैं।
1. राजस्थान के टेक्सटाइल निर्यात को साल-2030 तक 4 गुना का लक्ष्य, निवेश के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल सकें।
2. प्रदेश में पहली बार प्रदेश का और 11 जिलों के लिए जिला स्तरीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार किया गया।
3. भारत सरकार द्वारा चयनित 7 चैंपियन जिलें (अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जोधपुर और कोटा) और 4 एसपाइरेशनल जिले (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर और चूरू) शामिल हैं।
4. इसी साल अक्टूबर में एक दो दिवसीय टेक्सटाइल समिट का आयोजन भी प्रस्तावित है।
5. भारत सरकार द्वारा साल 2030 तक वस्त्र और परिधान निर्यात को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा साल 2030 तक वस्त्र और परिधान निर्यात को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया। राजस्थान में भी इस क्षेत्र के निर्यात को 3-4 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित है और इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कार्य भी शुरू कर दिया है।