राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तीसरे संस्करण का रविवार को भोपाल के बोट क्लब में शानदार समापन हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
230 विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम बनाने का प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इन स्टेडियमों के साथ अलग-अलग खेल विधाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाते हुए उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती है, क्योंकि खेलों के विकास से युवाओं को नई दिशा और अवसर मिलते हैं।
12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने कुल 110 रेस में अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा दूसरे और सिकंदराबाद तीसरे स्थान पर रहा।
तीन साल में 16वें-17वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा MP
मुख्यमंत्री Dr. मोहन ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि करीब तीन साल पहले तक खेलों में प्रदेश की स्थिति देश में 16वें-17वें स्थान के आसपास थी, लेकिन अब मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, उनके प्रशिक्षण और सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं, ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी स्पर्धाओं में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान दिखाई दे रहा है।
18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित
मुख्यमंत्री Dr. मोहन ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके प्रशिक्षण, शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाने के साथ-साथ कोच के करियर को आगे बढ़ाने की संभावनाएं भी रखी गई हैं। मध्यप्रदेश में इस दिशा में पहल की जा रही है।
खिलाड़ियों के साथ कोच के भविष्य पर भी ध्यान
CM Dr. मोहन यादव ने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता में उसके कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए खिलाड़ियों के साथ उनके कोच की प्रगति और भविष्य की चिंता करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को हर स्तर पर अवसर देने के लिए काम कर रही है। अलग-अलग क्षेत्रों की संभावनाओं के अनुसार विभिन्न खेलों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
खेल सुविधाओं के विस्तार पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में लगातार अपना सम्मान बढ़ा रहा है और मध्यप्रदेश भी इस यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी विजेता और पुरस्कृत खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और देश-प्रदेश के गौरव से भी जुड़े हैं।