रायपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप, ठेकेदारों का प्रदर्शन; बोले- बिना कमीशन नहीं मिलता भुगतान

आंदोलन की चेतावनी

रायपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप, ठेकेदारों का प्रदर्शन; बोले- बिना कमीशन नहीं मिलता भुगतान

रायपुर नगर निगम के बाहर ठेकेदारों ने प्रदर्शन कर कथित भ्रष्टाचार और भुगतान में देरी के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

रायपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप ठेकेदारों का प्रदर्शन बोले- बिना कमीशन नहीं मिलता भुगतान

रायपुर नगर निगम में भुगतान और कथित भ्रष्टाचार को लेकर ठेकेदारों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि बिना कमीशन दिए किसी भी फाइल का भुगतान नहीं होता। उनका दावा है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे कई ठेकेदार आर्थिक संकट में फंस गए हैं। प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने नगर निगम प्रशासन, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए।

30 से 40 प्रतिशत तक अतिरिक्त कटौती की मांग

ठेकेदारों का कहना है कि कई मामलों में छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक भुगतान नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि बैंक से कर्ज लेकर विकास कार्य पूरे करने के बावजूद उन्हें समय पर राशि नहीं मिल रही, जिससे ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका दावा है कि हर फाइल के भुगतान के लिए अलग-अलग स्तर पर कथित कमीशन तय है और अधिकारी, जोन अध्यक्ष तथा पार्षदों के अलग-अलग "रेट" हैं। आरोप है कि 18 प्रतिशत जीएसटी, सुरक्षा राशि और अन्य वैधानिक कटौतियों के बाद भी 30 से 40 प्रतिशत तक अतिरिक्त कटौती की मांग की जाती है।

जिम्मेदारी ठेकेदारों पर डाल दी जाती है.. 

प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों के निजी कार्य मुफ्त में कराए जाते हैं। यदि काम समय पर पूरा न हो तो ठेकेदारों पर पेनल्टी लगा दी जाती है, लेकिन समय से पहले कार्य पूरा करने पर कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जाता। उनका यह भी कहना है कि कथित कमीशन लेने के बाद गुणवत्ताहीन कार्यों को भी स्वीकार कर लिया जाता है, लेकिन बाद में किसी गड़बड़ी की जिम्मेदारी ठेकेदारों पर डाल दी जाती है।

पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू करने की मांग

ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान नगर निगम प्रशासन के कार्यकाल में व्यवस्थाएं और अधिक बिगड़ी हैं। उनका कहना है कि कई बार फाइलें गायब हो जाती हैं और भुगतान की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन से लंबित भुगतान जल्द जारी करने, कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों पर नगर निगम प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। फिलहाल ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

संबंधित सामग्री

103 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का भूमिपूजन, सीएम साय बोले- चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी

राज्य

103 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का भूमिपूजन, सीएम साय बोले- चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में विभिन्न स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिसमें करीब 103 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स पहुंचकर पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी अंतिम श्रद्धांजलि

राज्य

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स पहुंचकर पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को दी अंतिम श्रद्धांजलि

पद्म विभूषण से सम्मानित और छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई का रायपुर एम्स में निधन हो गया। उनके योगदान से भारतीय लोक संस्कृति को विश्वव्यापी पहचान मिली।

प्रसिद्ध पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई का निधन,CM डॉ मोहन यादव ने जताया दुख

राज्य

प्रसिद्ध पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई का निधन,CM डॉ मोहन यादव ने जताया दुख

छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया है। उनके निधन पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दुख जताया।

रायपुर में साय मंत्रिमंडल का चिंतन शिविर शुरू, विकास और सुशासन पर होगा बड़ा मंथन

राज्य

रायपुर में साय मंत्रिमंडल का चिंतन शिविर शुरू, विकास और सुशासन पर होगा बड़ा मंथन

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 शुरू हुआ, जिसमें राज्य की शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर चर्चा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, सहकारिता मॉडल बना मिसाल

राज्य

छत्तीसगढ़ के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन राशि, सहकारिता मॉडल बना मिसाल

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। सम्मान समारोह और नए हर्बल उत्पादों का लोकार्पण भी हुआ।