पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल की नेता और सांसद हरसिमरत कौर बादल के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को बढ़ा दिया है। बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर उनके बयान के बाद दोनों दलों के दोबारा साथ आने की अटकलें तेज हो गई हैं।
‘जल्द लोगों को खुद पता चल जाएगा’
हरसिमरत कौर ने बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन पर कहा कि गठबंधन होते रहते हैं और जल्द ही लोगों को खुद पता चल जाएगा कि आगे क्या होने वाला है। उनके इस बयान को आगामी चुनाव से पहले संभावित सियासी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
मोदी-बादल मुलाकात के बाद चर्चा तेज
हरसिमरत के बयान से पहले अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में दोनों दलों के बीच फिर से नजदीकी बढ़ने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब हरसिमरत के बयान ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
विकास और तरक्की का दिया संदेश
हरसिमरत कौर ने अपने बयान में गुरु साहिब से शक्ति और बल देने की प्रार्थना भी की। उन्होंने ऐसे समझौतों की बात कही, जिनसे दिल्ली से पंजाब के विकास और तरक्की के काम आगे बढ़ सकें। उन्होंने पंजाब में फिर से विकास और तरक्की की मजबूत नींव रखने की बात कही। उनके इस बयान को राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
2020 में टूट गया था 25 साल पुराना गठबंधन
बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन करीब 25 साल पुराना था। दोनों दलों ने 1996 में साथ आकर पंजाब की राजनीति में लंबी साझेदारी की थी। हालांकि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध के बीच दोनों पार्टियों के बीच मतभेद बढ़े और वर्ष 2020 में गठबंधन टूट गया।
क्या फिर साथ आएंगे दोनों दल?
अब हरसिमरत कौर के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीजेपी और अकाली दल एक बार फिर चुनावी मैदान में साथ नजर आएंगे। फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में पंजाब की सियासत में आगे होने वाले घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।